Bihar: पटना में पुलिस और एसटीएफ की टीम ने एक शातिर जालसाज अभिषेक अग्रवाल उर्फ अभिषेक भोपालका को गिरफ्तार किया है। यह व्यक्ति खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) का डायरेक्टर बताकर भोजपुर के जिलाधिकारी (DM) तनय सुल्तानिया पर दब
Bihar: पटना में पुलिस और एसटीएफ की टीम ने एक शातिर जालसाज अभिषेक अग्रवाल उर्फ अभिषेक भोपालका को गिरफ्तार किया है। यह व्यक्ति खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ED) का डायरेक्टर बताकर भोजपुर के जिलाधिकारी (DM) तनय सुल्तानिया पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था। आरोपी बड़े अधिकारियों का नाम इस्तेमाल कर उन्हें ब्लैकमेल करने के खेल में माहिर है।
अभिषेक अग्रवाल ने कैसे किया फर्जीवाड़ा
यह पूरा मामला 27 अप्रैल 2026 का है जब आरोपी ने भोजपुर डीएम को फोन किया और खुद को ED का डायरेक्टर बताया। इसके बाद 28 अप्रैल को डीएम कार्यालय के लिपिक रोहित कुमार ने आरा के नवादा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद 30 अप्रैल और 1 मई के बीच पटना से उसकी गिरफ्तारी की। आरोपी के पास से 2.61 लाख रुपये नकद और कई मोबाइल फोन मिले हैं।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य घोटाले
अभिषेक अग्रवाल पहले भी इसी तरह के अपराध कर चुका है। साल 2022 में उसने पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनकर तत्कालीन डीजीपी एस.के. सिंघल को फोन किया था ताकि एक निलंबित आईपीएस अधिकारी की मदद कराई जा सके। इसके अलावा जुलाई 2025 में उत्तराखंड एसटीएफ ने उसे दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था, जहां वह 750 करोड़ रुपये के चीनी लोन ऐप घोटाले का मास्टरमाइंड बताया गया था।
अब आरोपी पर क्या होगी कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। उस पर जबरन वसूली और बड़े अधिकारियों का फर्जी रूप धरने के आरोप हैं। इस अपराध के लिए उसे सात साल तक की जेल हो सकती है। पूछताछ में अपराध कबूल करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अभिषेक अग्रवाल ने किन अधिकारियों को निशाना बनाया?
अभिषेक अग्रवाल ने हाल ही में भोजपुर के डीएम तनय सुल्तानिया को ED डायरेक्टर बनकर फोन किया था और पहले बिहार के तत्कालीन डीजीपी एस.के. सिंघल को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनकर कॉल किया था।
गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से क्या मिला?
बिहार एसटीएफ और पटना पुलिस ने गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से 2.61 लाख रुपये नकद और कई मोबाइल फोन बरामद किए हैं।