Bihar के सोनबरसा में 18 जुलाई से शुरू होगी पेपरलेस रजिस्ट्री, अब घर बैठे और ऑनलाइन होगा जमीन का काम
Bihar/Sonbarsa: बिहार के सोनबरसा में अब जमीन, प्लॉट और फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने और कागजों के ढेर लगाने की जरूरत नहीं होगी। 18 जुलाई, 2026 से यहाँ पेपरलेस रजिस्ट्री की सुविधा शुरू होने जा रही है। इ
Bihar/Sonbarsa: बिहार के सोनबरसा में अब जमीन, प्लॉट और फ्लैट की रजिस्ट्री के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने और कागजों के ढेर लगाने की जरूरत नहीं होगी। 18 जुलाई, 2026 से यहाँ पेपरलेस रजिस्ट्री की सुविधा शुरू होने जा रही है। इस नई व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाएगी, जिससे आम लोगों को रजिस्ट्री के काम में काफी आसानी होगी और समय की बचत होगी।
यह नई प्रणाली बिहार निबंधन नियमावली-2026 के तहत लागू की जा रही है। राज्य सरकार ने पहले चरण में 10 निबंधन कार्यालयों को चुना है, जिनमें सोनबरसा भी शामिल है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 11 जुलाई, 2026 को हाजीपुर में इस डिजिटल सिस्टम की शुरुआत की थी और उम्मीद है कि अगस्त 2026 तक बिहार के सभी 145 निबंधन कार्यालयों में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।
अवर निबंधन पदाधिकारी दिव्यांशु दिव्याल और बगहा अवर निबंधक अंबुज कुमार कुणाल ने बताया कि इस डिजिटल बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि रजिस्ट्री में धोखाधड़ी और बिचौलियों का दखल खत्म हो जाएगा। अब खरीदार और विक्रेता दोनों का आधार सत्यापन होगा और ओटीपी (OTP) के जरिए सहमति ली जाएगी, जिसे ई-साइन प्रक्रिया कहा जाता है।
| मुख्य सुविधा | विवरण |
|---|---|
| बुजुर्गों के लिए राहत | 75 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोग घर बैठे रजिस्ट्री करा सकेंगे |
| समय सीमा | अंचल कार्यालय 10 दिन में आवेदन पर फैसला नहीं लेगा तो वह स्वतः आगे बढ़ जाएगा |
| सत्यापन | ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड की क्रॉस-चेकिंग और आधार-लिंक्ड पहचान होगी |
| दस्तावेज प्राप्ति | रजिस्ट्री पूरी होते ही डीड का पीडीएफ लिंक मोबाइल पर मिल जाएगा |
| लाइसेंस व्यवस्था | अधिवक्ता और डीड राइटर सेवा प्रदाता के रूप में लाइसेंस लेकर काम करेंगे |
उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव के अनुसार, राज्य मंत्रिमंडल ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी है। डिजिटल सत्यापन के जरिए अब घोषित मूल्य और सर्किल रेट की तुलना अपने आप हो जाएगी, जिससे टैक्स चोरी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। जिन कार्यालयों में अभी यह सिस्टम नहीं आया है, वहां पुरानी 2008 की नियमावली ही लागू रहेगी।