Bihar के सीतामढ़ी में बागमती नदी में पलटी ओवरलोड नाव, सभी यात्री सुरक्षित
सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रुन्नीसैदपुर प्रखंड के खड़का घाट पर बागमती नदी में एक नाव पलट गई, जिसमें क्षमता से ज्यादा यात्री सवार थे। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद लोगों ने
सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रुन्नीसैदपुर प्रखंड के खड़का घाट पर बागमती नदी में एक नाव पलट गई, जिसमें क्षमता से ज्यादा यात्री सवार थे। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
यह घटना 19 जुलाई 2026 की है जब एक नाव में करीब 35 से 40 यात्री सवार थे। नाव अपनी क्षमता से ज्यादा भरी हुई थी, जिसकी वजह से वह नदी के बीच में जाकर असंतुलित हो गई और पलट गई। नदी में नाव पलटते ही यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई, लेकिन पास में मौजूद स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने बिना समय गंवाए नदी में छलांग लगा दी और सभी को बचा लिया। इस हादसे में किसी भी यात्री को चोट नहीं आई है और न ही कोई जनहानि हुई है।
इस घटना ने एक बार फिर बिहार में नावों के संचालन और ओवरलोडिंग की समस्या को सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि खड़का घाट पर बड़ी और सुरक्षित नावों की व्यवस्था की जाए और क्षमता से अधिक सवारी बैठाने वालों पर सख्ती की जाए।
बता दें कि बिहार सरकार ने ‘बिहार आदर्श नौका नियमावली, 2011’ के तहत सुरक्षा नियम बनाए हैं। इन नियमों के मुताबिक नावों का पंजीकरण होना जरूरी है और उनमें लाइफ जैकेट जैसे सुरक्षा उपकरण होने चाहिए। नियम यह भी कहता है कि 15 से 30 यात्रियों वाली नाव में दो नाविक और 30 से अधिक यात्रियों वाली नाव में तीन नाविक होने चाहिए।
मामले की जानकारी मिलने के बाद सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) आनंद कुमार ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और अंचल अधिकारी (CO) को पूरी घटना की जांच करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने बिना पंजीकरण वाली नावों और अनधिकृत डीजल इंजन के इस्तेमाल पर रोक लगाने की बात कही है।