Bihar के सीतामढ़ी में बागमती नदी में पलटी 40 लोगों से भरी नाव, ग्रामीणों ने बचाई सभी की जान

सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर प्रखंड में एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। यहाँ बागमती नदी के खड़का घाट पर रविवार, 19 जुलाई 2026 को एक नाव पलट गई। नाव पर करीब 40 यात्री सवार थे, जो नदी की बीच धारा में अच

सीतामढ़ी: बिहार के सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर प्रखंड में एक बड़ा हादसा होते-होते बच गया। यहाँ बागमती नदी के खड़का घाट पर रविवार, 19 जुलाई 2026 को एक नाव पलट गई। नाव पर करीब 40 यात्री सवार थे, जो नदी की बीच धारा में अचानक पानी में गिर गए। गनीमत रही कि स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत फुर्ती दिखाई और अपनी सूझबूझ से सभी 40 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे किसी की जान नहीं गई।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह हादसा ओवरलोडिंग की वजह से हुआ। नाव की क्षमता से कहीं ज्यादा सवारी बैठा ली गई थी, जिसके कारण संतुलन बिगड़ गया और नाव पलट गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति काफी गुस्सा देखा गया। ग्रामीणों ने मांग की है कि खड़का घाट पर बड़ी और सुरक्षित नावों का इंतजाम किया जाए और क्षमता से ज्यादा सवारी बैठाने वाले नाविकों पर सख्त कार्रवाई हो।

सुरक्षा के लिहाज से बिहार सरकार ने कई नियम बनाए हैं। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 11 जुलाई 2026 को नई नियमावली लागू की है, जिसके तहत लाइफ जैकेट और अग्नि सुरक्षा उपकरण रखना अनिवार्य है। नियमों के अनुसार, नावों का संचालन केवल सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही हो सकता है और खराब मौसम में नाव चलाना मना है। साथ ही, 30 से अधिक लोगों वाली बड़ी नाव पर कम से कम 3 नाविकों का होना जरूरी है।

बिहार परिवहन विभाग और जिला प्रशासन ने पहले भी ओवरलोडिंग और बिना रजिस्ट्रेशन के नाव चलाने वालों के खिलाफ सख्त निर्देश दिए थे। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) भी नाविकों को ट्रेनिंग दे रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।