Bihar : शिवहर जिले का महुआवां गांव इन दिनों अपनी खास पहचान के लिए जाना जा रहा है। यहां करीब 200 तालाबों के निर्माण ने गांव की सूरत बदल दी है। बिहार सरकार की जल जीवन हरियाली योजना के जरिए यहां जल संचयन पर जोर दिया गया, जि
Bihar : शिवहर जिले का महुआवां गांव इन दिनों अपनी खास पहचान के लिए जाना जा रहा है। यहां करीब 200 तालाबों के निर्माण ने गांव की सूरत बदल दी है। बिहार सरकार की जल जीवन हरियाली योजना के जरिए यहां जल संचयन पर जोर दिया गया, जिससे न सिर्फ हरियाली बढ़ी बल्कि लोगों की कमाई के नए रास्ते भी खुले हैं।
महुआवां गांव में कैसे आया बदलाव
इस गांव में तालाबों के निर्माण का काम मुख्य रूप से उन प्रवासी मजदूरों ने किया जो लॉकडाउन के दौरान घर लौटे थे। योजना के तहत उन्हें रोजगार मिला और उन्होंने गांव की तस्वीर बदल दी। इन तालाबों की वजह से अब खेती के लिए सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध है और मछली पालन से ग्रामीणों की आय में अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है। साथ ही, Bagmati नदी से जुड़ी नहरों के जरिए गांव को बाढ़ से बचाने में भी मदद मिली है।
क्या है जल जीवन हरियाली योजना
बिहार सरकार ने 2 अक्टूबर 2019 को इस योजना की शुरुआत की थी। इसका मुख्य मकसद जलवायु परिवर्तन से लड़ना और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना है। इस योजना के तहत जल संरक्षण, वृक्षारोपण और ग्रीन कवर बढ़ाने पर काम किया जाता है। सरकार ने साल 2019 से 2022 के बीच इस पर करीब 24,524 करोड़ रुपये खर्च किए और 2022-2025 के लिए अतिरिक्त 12,568.97 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
योजना का अब तक का असर
इस अभियान के कारण बिहार का ग्रीन कवर बढ़कर 15.5% से अधिक हो गया है और पिछले सात सालों में करीब 21 करोड़ पेड़ लगाए गए हैं। सरकार का लक्ष्य 2028 तक इसे 17% तक ले जाने का है। हालांकि, कुछ रिपोर्टों में जमीन के नीचे जल स्तर और वृक्षारोपण की सफलता को लेकर सवाल भी उठाए गए हैं, लेकिन महुआवां जैसे गांवों में इसके सकारात्मक नतीजे साफ दिख रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार का वह कौन सा गांव है जहां 200 तालाब हैं
बिहार के शिवहर जिले का महुआवां गांव है, जहां जल जीवन हरियाली योजना के तहत बड़ी संख्या में तालाब बनाए गए हैं।
जल जीवन हरियाली योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है
इस योजना का उद्देश्य जल संरक्षण, वृक्षारोपण और पर्यावरण संतुलन बनाना है ताकि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम किया जा सके।