Bihar: शेरघाटी में प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ शकीला खातून नाम की एक बुजुर्ग महिला जीवित हैं, लेकिन सरकारी कागजों में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस गलती की वजह से पिछले 6 महीनों से उनकी पेंशन बंद है
Bihar: शेरघाटी में प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ शकीला खातून नाम की एक बुजुर्ग महिला जीवित हैं, लेकिन सरकारी कागजों में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस गलती की वजह से पिछले 6 महीनों से उनकी पेंशन बंद है और वह अपनी पेंशन वापस पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं।
शकीला खातून के साथ क्या हुआ और पेंशन क्यों रुकी?
शकीला खातून को सरकारी रिकॉर्ड में गलती से मृत दिखा दिया गया। जैसे ही रिकॉर्ड में उनकी मौत दर्ज हुई, उनकी पेंशन का भुगतान बंद हो गया। पिछले छह महीनों से वह इस समस्या को सुलझाने की कोशिश कर रही हैं। वह कई दफ्तरों में गईं ताकि यह साबित कर सकें कि वह जीवित हैं और उन्हें फिर से पेंशन मिल सके।
प्रशासन ने इस मामले पर क्या कहा?
इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन ने दखल दिया है। अधिकारियों ने मामले की जांच करने की बात कही है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि इस गलती को जल्द सुधारा जाएगा और शकीला खातून की पेंशन समस्या का समाधान किया जाएगा।
पेंशन योजनाओं में अन्य समस्याएं भी बनी हुई हैं
बिहार के अन्य इलाकों में भी पेंशन को लेकर दिक्कतें देखी जा रही हैं। केथर ब्लॉक क्षेत्र में कई बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के आवेदन छह महीने से ज्यादा समय से लंबित हैं। इसके अलावा सुपौल जिले में 81,000 से ज्यादा पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाण पत्र शिविर आयोजित करने की तैयारी की जा रही है ताकि पेंशन रुकने जैसी समस्याओं से बचा जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
शकीला खातून की पेंशन क्यों बंद हुई?
सरकारी रिकॉर्ड में शकीला खातून को गलती से मृत घोषित कर दिया गया था, जिसकी वजह से पिछले 6 महीनों से उनकी पेंशन का भुगतान रुक गया है।
प्रशासन ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही इस समस्या को हल कर पेंशन बहाल करने का भरोसा दिया है।