Bihar: केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) बिहार के शेखपुरा जिले में छोटे उद्यमियों के लिए वरदान साबित हो रही है। यहाँ रविता कुमारी और मनमेंद्र कुमार जैसे लोगों ने सरकारी मदद से आटा और त
Bihar: केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) बिहार के शेखपुरा जिले में छोटे उद्यमियों के लिए वरदान साबित हो रही है। यहाँ रविता कुमारी और मनमेंद्र कुमार जैसे लोगों ने सरकारी मदद से आटा और तेल प्रसंस्करण इकाइयां लगाकर अपनी कमाई बढ़ाई है। इस योजना ने न केवल उन्हें आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि उनके बच्चों की शिक्षा के लिए भी रास्ते खोल दिए हैं।
PMFME योजना क्या है और इससे क्या मदद मिलती है
यह योजना जून 2020 में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) द्वारा शुरू की गई थी। इसका मुख्य मकसद छोटे खाद्य उद्योगों को पैसा, तकनीकी जानकारी और बिजनेस चलाने में मदद करना है। सरकार का लक्ष्य करीब 2 लाख असंगठित इकाइयों को औपचारिक बनाना है। इस योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर काम करती हैं, जहाँ खर्च का अनुपात सामान्य राज्यों के लिए 60:40 तय किया गया है।
कितनी मिलती है सब्सिडी और क्या हैं नियम
योजना के तहत अलग-अलग लाभार्थियों के लिए अलग-अलग वित्तीय मदद का प्रावधान है, जिसका विवरण नीचे दी गई टेबल में है:
| लाभार्थी |
सब्सिडी/सहायता |
अधिकतम सीमा |
| व्यक्तिगत इकाई |
परियोजना लागत का 35% |
₹10 लाख प्रति यूनिट |
| SHG सदस्य |
सीड कैपिटल |
₹40,000 प्रति सदस्य |
| FPO/सहकारी समितियां |
35% पूंजी सब्सिडी |
₹3 करोड़ तक |
| ब्रांडिंग और मार्केटिंग |
50% तक अनुदान |
– |
योजना के नियमों के मुताबिक, व्यक्तिगत लाभार्थी को अपनी परियोजना लागत का कम से कम 10% हिस्सा खुद लगाना होता है। अनुसूचित जाति (SC) के लिए 8.3% और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 4.3% फंड रिजर्व रखा गया है।
शेखपुरा के अन्य सफल उदाहरण
रविता और मनमेंद्र के अलावा शेखपुरा के शशि कुमार ने भी इस योजना का लाभ उठाया है। उन्होंने ₹12 लाख का लोन और 35% सब्सिडी लेकर बेसन लड्डू बनाने की यूनिट शुरू की। इस छोटे से उद्योग से न केवल शशि को फायदा हुआ, बल्कि क्षेत्र के 8 अन्य लोगों को भी रोजगार मिला। जिला संसाधन व्यक्ति (DRP) इन उद्यमियों को आवेदन करने और बैंक से लोन दिलाने में पूरी मदद करते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
PMFME योजना के तहत व्यक्तिगत उद्यमी को कितनी सब्सिडी मिलती है?
व्यक्तिगत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को उनकी कुल परियोजना लागत का 35% क्रेडिट-लिंक्ड पूंजी सब्सिडी मिलता है, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये तय की गई है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन में कौन मदद करता है?
जिला संसाधन व्यक्ति (DRP) उद्यमियों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने, प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने और बैंकों से ऋण प्राप्त करने में सहायता प्रदान करते हैं।