Bihar: मुजफ्फरपुर की मशहूर GI टैग वाली शाही लीची अब हवाई जहाज के जरिए देश-दुनिया के बाजारों में पहुंचेगी। शनिवार, 16 मई 2026 को Darbhanga Airport से SpiceJet के जरिए लीची की पहली खेप अहमदाबाद भेजी गई। करीब 200 किलो लीची
Bihar: मुजफ्फरपुर की मशहूर GI टैग वाली शाही लीची अब हवाई जहाज के जरिए देश-दुनिया के बाजारों में पहुंचेगी। शनिवार, 16 मई 2026 को Darbhanga Airport से SpiceJet के जरिए लीची की पहली खेप अहमदाबाद भेजी गई। करीब 200 किलो लीची की इस पहली उड़ान से बिहार के किसानों की कमाई बढ़ने और फल के बाजार विस्तार की उम्मीद जगी है।
शाही लीची के हवाई सफर से किसानों को क्या फायदा होगा?
लीची Growers’ Association के कृष्णा गोपाल सिंह और बच्चा प्रसाद सिंह ने बताया कि हवाई परिवहन से फल महज 6 से 7 घंटे में बड़े शहरों तक पहुंच जाएगा। इससे लीची की ताजगी बनी रहेगी और प्रीमियम ग्राहकों तक सही समय पर फल पहुंचेगा। अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने के लिए Bandra ब्लॉक में दो आधुनिक पैक हाउस बनाए जा रहे हैं, जिससे रोजाना 30-35 टन लीची की सप्लाई संभव होगी।
विदेशों में कितनी होगी डिमांड और क्या है नई तकनीक?
इस सीजन में शाही लीची को यूरोप, दुबई और कनाडा जैसे देशों में भेजने की तैयारी है। APEDA और मेडागास्कर के विशेषज्ञों की मदद से कोल्ड-सील पैकेजिंग तकनीक अपनाई गई है, जिससे अब लीची 90 दिनों तक ताजा रह सकेगी। हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कुछ खाड़ी देशों में निर्यात मुश्किल है, लेकिन ब्रिटेन, न्यूजीलैंड और रूस जैसे बाजारों में इसकी भारी मांग बनी हुई है।
परिवहन और एक्सपोर्ट के लिए कौन से एयरपोर्ट इस्तेमाल होंगे?
लीची के निर्यात के लिए Darbhanga Airport और पटना के Jay Prakash Narayan International Airport दोनों का इस्तेमाल किया जाएगा। इस काम में SpiceJet के अलावा IndiGo और Akasa Air जैसी एयरलाइंस भी शामिल हैं। मुजफ्फरपुर के स्टार्टअप Vishwakenh Agro & Dairy Private Limited ने किसानों और FPOs के साथ मिलकर इस पूरी व्यवस्था को आसान बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार की शाही लीची अब कितने दिनों तक ताजा रहेगी?
APEDA और मेडागास्कर के विशेषज्ञों द्वारा शुरू की गई कोल्ड-सील पैकेजिंग तकनीक की वजह से अब शाही लीची 90 दिनों तक ताजा रह सकेगी।
लीची के निर्यात के लिए कौन से एयरपोर्ट का इस्तेमाल हो रहा है?
इस सीजन में लीची के एक्सपोर्ट के लिए दरभंगा एयरपोर्ट और पटना के जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उपयोग किया जा रहा है।