Bihar : राज्य में LPG गैस की भारी किल्लत को देखते हुए बिहार सरकार ने शादी-ब्याह और तिलक जैसे आयोजनों के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। अब किसी भी समारोह के लिए गैस सिलेंडर लेने से पहले अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) से अनुमति लेना
Bihar : राज्य में LPG गैस की भारी किल्लत को देखते हुए बिहार सरकार ने शादी-ब्याह और तिलक जैसे आयोजनों के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। अब किसी भी समारोह के लिए गैस सिलेंडर लेने से पहले अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) से अनुमति लेना जरूरी होगा। ये नए नियम 15 अप्रैल, 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी होंगे ताकि आम लोगों को घरेलू गैस की कमी न हो।
शादी के लिए SDO से अनुमति कैसे लें और क्या देना होगा
बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने निर्देश दिया है कि शादी, तिलक या रिसेप्शन जैसे कार्यक्रमों के लिए अब पहले SDO को आवेदन करना होगा। इस आवेदन के साथ शादी का निमंत्रण कार्ड जमा करना अनिवार्य है। आवेदन में आयोजकों को यह बताना होगा कि समारोह में कितने मेहमान आएंगे और उन्हें कुल कितने LPG सिलेंडरों की जरूरत पड़ेगी। SDO इस मांग की जांच करेंगे और उसके बाद तेल कंपनियों को सिलेंडर उपलब्ध कराने का निर्देश देंगे।
गैस सिलेंडर के इस्तेमाल को लेकर क्या हैं नए नियम
सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग को रोकने के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की है। अब शादी-ब्याह जैसे बड़े आयोजनों में केवल कमर्शियल (वाणिज्यिक) LPG सिलेंडरों का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। घरेलू सिलेंडरों का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा और पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसके अलावा, खाना बनाने वाले कुक और कैटरर्स के लिए भी कमर्शियल गैस कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
बिहार में LPG की वर्तमान स्थिति और सरकारी कदम
राज्य में एलपीजी की काफी कमी है, जिसके कारण नए घरेलू कनेक्शन फिलहाल रोक दिए गए हैं। आपूर्ति की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
| विवरण |
आंकड़ा/स्थिति |
| कुल लंबित घरेलू कनेक्शन |
लगभग 16.56 लाख |
| पटना में लंबित कनेक्शन |
1.62 लाख से अधिक |
| शहरों में वेटिंग पीरियड |
48 दिन |
| ग्रामीण क्षेत्रों में वेटिंग पीरियड |
55 दिन |
| प्रवासी मजदूरों के लिए सुविधा |
आधार कार्ड पर 5kg FTL सिलेंडर |
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे घबराहट में गैस की बुकिंग न करें। सरकार का लक्ष्य है कि वैश्विक आपूर्ति में बाधा के बावजूद विवाह के सीजन में गैस का उचित वितरण सुनिश्चित किया जा सके।