Bihar के गया जिले और Aryabhatta Knowledge University के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है जिससे अब LED लाइट आपकी आंखों को नुकसान नहीं पहुंचाएगी। प्रो. रणजीत वर्मा और उनकी टीम ने खास नैनो कणों (nano particles) की ख
Bihar के गया जिले और Aryabhatta Knowledge University के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है जिससे अब LED लाइट आपकी आंखों को नुकसान नहीं पहुंचाएगी। प्रो. रणजीत वर्मा और उनकी टीम ने खास नैनो कणों (nano particles) की खोज की है। इस आविष्कार को भारत सरकार की ओर से पेटेंट भी मिल गया है, जो पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है।
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इस नई LED तकनीक के क्या फायदे हैं?
इस खोज का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे निकलने वाली रोशनी आंखों पर बुरा प्रभाव नहीं डालेगी। अक्सर लोग LED की तेज रोशनी से आंखों में थकान या तनाव महसूस करते हैं, लेकिन इन नए नैनो कणों के इस्तेमाल से यह समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी। इसके अलावा इसके कुछ मुख्य लाभ नीचे दिए गए हैं:
- कम बिजली की खपत: यह तकनीक पुराने LED बल्बों के मुकाबले बहुत कम बिजली खर्च करती है।
- ज्यादा रोशनी: कम ऊर्जा लेने के बावजूद यह लाइट ज्यादा बेहतर और साफ रोशनी प्रदान करती है।
- पर्यावरण सुरक्षा: यह नई खोज पर्यावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित है और इससे हानिकारक कचरा कम निकलेगा।
किन वैज्ञानिकों को मिला है इसका पेटेंट?
Aryabhatta Knowledge University के प्रो. रणजीत वर्मा के नेतृत्व में चार वैज्ञानिकों की टीम ने यह सफलता हासिल की है। वैज्ञानिकों ने काफी समय तक लैब में इन नैनो कणों पर रिसर्च की और अंत में सफलता पाई। सरकार ने इस नवाचार को पेटेंट देकर इसकी प्रमाणिकता पर मुहर लगा दी है। इस उपलब्धि से बिहार के शैक्षणिक संस्थानों और वैज्ञानिकों की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हुई है। गया समेत पूरे प्रदेश में इस खबर को लेकर खुशी का माहौल है।