Bihar: राज्य के शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में ट्रेनिंग ले रहे शिक्षकों और कर्मियों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें तय मेन्यू के हिसाब से शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलेगा। SCERT, पटना ने इसके लिए नया आदेश जारी किया है त
Bihar: राज्य के शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में ट्रेनिंग ले रहे शिक्षकों और कर्मियों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें तय मेन्यू के हिसाब से शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलेगा। SCERT, पटना ने इसके लिए नया आदेश जारी किया है ताकि खाने की क्वालिटी में कोई कमी न रहे और सभी को पौष्टिक आहार मिल सके।
मेस समिति का गठन और उसकी जिम्मेदारी क्या होगी?
भोजन की निगरानी के लिए हर संस्थान में एक मेस समिति बनाई गई है। इस समिति का नेतृत्व संस्थान के प्राचार्य या प्रभारी प्राचार्य करेंगे। इसमें वरीय व्याख्याता, प्रशिक्षण प्रभारी और वेंडर के प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे। इस टीम का मुख्य काम यह देखना होगा कि तय मेन्यू का पूरी तरह पालन हो रहा है या नहीं और इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री की क्वालिटी कैसी है।
निगरानी और समीक्षा के लिए क्या नियम बनाए गए हैं?
भोजन की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अब हर कार्य दिवस का नोटकैम फोटोग्राफ सुरक्षित रखा जाएगा। अगर राज्य स्तर से इसकी मांग की जाती है, तो संस्थान को ये फोटो देने होंगे। साथ ही, मेस समिति हर 15 दिनों में एक समीक्षा बैठक करेगी और उसकी पूरी जानकारी एक कार्यवाही पुस्तिका में दर्ज की जाएगी जिसे संस्थान में सुरक्षित रखा जाएगा।
किसने जारी किया यह आदेश और क्यों?
यह आदेश SCERT के निदेशक सज्जन आर. द्वारा जारी किया गया है। पहले कई प्रशिक्षण केंद्रों पर भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें आती थीं, जिसे देखते हुए अब सख्त निगरानी तंत्र लागू किया गया है। इस पहल का सीधा असर उन हजारों शिक्षकों और कर्मियों पर पड़ेगा जो इन संस्थानों में ट्रेनिंग के लिए रुकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में भोजन की निगरानी कौन करेगा?
भोजन की निगरानी के लिए संस्थान के प्राचार्य की अध्यक्षता में एक मेस समिति बनाई गई है, जिसमें वरीय व्याख्याता और वेंडर के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए क्या सबूत रखे जाएंगे?
हर कार्य दिवस का नोटकैम फोटोग्राफ लिया जाएगा और हर 15 दिन में होने वाली समीक्षा बैठक का रिकॉर्ड एक कार्यवाही पुस्तिका में रखा जाएगा।