Bihar में सैटेलाइट टाउनशिप के लिए जमीन देने वाले किसानों को 30 दिन में मिलेगा पैसा, सरकार ने तय किए नए नियम

Bihar: राज्य सरकार सैटेलाइट टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर काफी गंभीर है। शहरी विकास और आवास मंत्री Nitish Mishra ने घोषणा की है कि इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन देने वाले किसानों को एक महीने के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा। अधिकारिय

Bihar: राज्य सरकार सैटेलाइट टाउनशिप प्रोजेक्ट को लेकर काफी गंभीर है। शहरी विकास और आवास मंत्री Nitish Mishra ने घोषणा की है कि इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन देने वाले किसानों को एक महीने के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जमीन के सत्यापन और पेमेंट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करें।

सरकार ने इस काम को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। जिन जिलों में Bihar State Housing Board के ऑफिस नहीं हैं, वहां एक हफ्ते के भीतर Nodal Officers की नियुक्ति की जाएगी। साथ ही, जमीन बेचने के इच्छुक किसानों के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म भी तैयार किया जा रहा है ताकि आवेदन की प्रक्रिया सरल और तेज हो सके।

जमीन के मुआवजे को लेकर ‘बिहार रैयती लैंड परचेज पॉलिसी 2026’ लागू की गई है, जिसके तहत किसानों को काफी फायदा मिलेगा। मुआवजे के नियम इस प्रकार हैं:

जमीन का प्रकार मुआवजा राशि
शहरी जमीन मार्केट वैल्यू या सर्कल रेट का दो गुना (जो भी ज्यादा हो)
ग्रामीण जमीन मार्केट वैल्यू या सर्कल रेट का चार गुना
विशेष परिस्थिति अतिरिक्त 10% इंसेंटिव मिल सकता है

इस प्रोजेक्ट में लैंड-पूलिंग मॉडल का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके तहत किसानों को उनके विकसित क्षेत्र की 55% जमीन वापस मिल जाएगी, जिसकी बाजार कीमत पहले से काफी ज्यादा होगी। मंत्री Nitish Mishra ने साफ किया है कि किसी की जमीन जबरदस्ती नहीं ली जाएगी और हर कदम पर किसानों से सलाह ली जाएगी।

हाल ही में मुख्यमंत्री Samrat Choudhary की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने 11 अधिसूचित सैटेलाइट टाउनशिप जोन में जमीन की खरीद-बिक्री पर लगे प्रतिबंध को भी हटा लिया है। टाउन प्लानिंग स्कीम तैयार करने के लिए Monarch Surveyors & Engineering Consultants Limited को 11.66 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है। हालांकि, इस प्रोजेक्ट को लेकर Sanyukt Kisan Morcha (SKM) बिहार ने विरोध प्रदर्शन भी किया है और कुछ MLCs ने मास्टर प्लान की स्पष्टता पर सवाल उठाए हैं।