Bihar के सासाराम सदर अस्पताल में बड़ी लापरवाही, बिजली गुल होने पर मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ मरीजों का इलाज

Bihar/Rohtas: सासाराम के सदर अस्पताल के मॉडल हॉस्पिटल में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई है। यहाँ के इमरजेंसी वार्ड में बिजली गुल होने के बाद डॉक्टरों को मरीजों का इलाज मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर करना पड़ा। इस पूरी घटना

Bihar/Rohtas: सासाराम के सदर अस्पताल के मॉडल हॉस्पिटल में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई है। यहाँ के इमरजेंसी वार्ड में बिजली गुल होने के बाद डॉक्टरों को मरीजों का इलाज मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर करना पड़ा। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद अस्पताल की बिजली व्यवस्था और प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 8 अगस्त 2026 को सामने आई। इमरजेंसी वार्ड में अचानक बिजली चली गई और अंधेरा छा गया। ऐसे में गंभीर हालत में भर्ती मरीजों को समय पर इलाज देना जरूरी था, इसलिए डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने अपने मोबाइल की फ्लैशलाइट का इस्तेमाल किया। वीडियो में देखा जा सकता है कि अंधेरे में मोबाइल की रोशनी के सहारे मरीजों को सलाइन चढ़ाया जा रहा था। इस अचानक हुए ब्लैकआउट से मरीज और उनके परिजन काफी घबरा गए थे।

हैरानी की बात यह है कि इस अस्पताल को ‘मॉडल हॉस्पिटल’ का दर्जा मिला हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, यहाँ बिजली के लिए एक समर्पित ट्रांसफार्मर और बैकअप के तौर पर बड़ा जनरेटर भी मौजूद है। इसके बावजूद इमरजेंसी विभाग में बिजली न होना प्रबंधन की बड़ी लापरवाही की ओर इशारा करता है। अस्पताल अधिकारियों ने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और केवल इतना कहा कि बिजली बहाल करने की कोशिश की जा रही थी।

इस घटना ने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री Nishant Kumar के उन दावों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की बात कही थी। बता दें कि सासाराम सदर अस्पताल में बिजली की समस्या नई नहीं है। जून 2022 में भी ऐसी ही समस्या सामने आई थी, जिसके बाद जिला मजिस्ट्रेट धर्मेंद्र कुमार ने जांच के आदेश दिए थे और सिविल सर्जन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उस समय भी अस्पताल के डॉक्टरों ने शिकायत की थी कि बिजली कटौती यहाँ की रोज की समस्या है।