Bihar: सारण जिले के मांझी नगर पंचायत के उत्तर टोला में उत्तर बिहार का पहला ग्रिड-कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट शुरू हो गया है। सोमवार, 8 जून 2026 को इसका उद्घाटन किया गया। यह प्लांट प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत लगाया गया
Bihar: सारण जिले के मांझी नगर पंचायत के उत्तर टोला में उत्तर बिहार का पहला ग्रिड-कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट शुरू हो गया है। सोमवार, 8 जून 2026 को इसका उद्घाटन किया गया। यह प्लांट प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत लगाया गया है, जो इलाके में बिजली की किल्लत दूर करने और पर्यावरण को बचाने में मदद करेगा।
इस सोलर प्लांट की क्या है खासियत और लागत
इस प्रोजेक्ट को PKV Solar Private Limited ने तैयार किया है। करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से इसे 8 एकड़ जमीन पर बनाया गया है। इसकी क्षमता 2.9 मेगावाट है। NBPDCL के अधिकारी राजीव कुमार सिंह और राकेश कुमार मिश्रा ने इसका उद्घाटन किया और अब यह प्लांट व्यावसायिक तौर पर बिजली बनाकर राज्य के पावर ग्रिड को सप्लाई करेगा।
आम लोगों और पर्यावरण को क्या होगा फायदा
हैवल्स के अधिकारी नित्यानंद राय ने बताया कि इस प्लांट से राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा। इससे कोयले जैसे पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन घटेगा। साथ ही, इस प्रोजेक्ट से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए मौके खुलेंगे और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। प्लांट का पूरा संचालन विकास सिंह के नेतृत्व में किया जाएगा।
उद्घाटन समारोह में कौन-कौन रहा मौजूद
कार्यक्रम में विद्युत कार्यपालक अभियंता गुफरान अहमद, सहायक विद्युत अभियंता नीरज कुमार, हरिकृष्ण, मुन्ना सिंह, संजय सिंह और मिथलेश सिंह समेत कई गणमान्य लोग शामिल थे। इसके अलावा हैवल्स की टीम से नित्यानंद राय, मनीष कुमार सिंह, सौरभ राय, अभिनव कुमार और नित्यानंद कुमार भी उपस्थित थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मांझी सोलर पावर प्लांट की क्षमता कितनी है और इसे किसने बनाया है
इस प्लांट की क्षमता 2.9 मेगावाट है और इसे PKV Solar Private Limited द्वारा प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत स्थापित किया गया है।
इस प्रोजेक्ट पर कुल कितना खर्च आया है और यह कितनी जमीन पर फैला है
इस सोलर पावर प्लांट को बनाने में लगभग 12 करोड़ रुपये की लागत आई है और यह कुल 8 एकड़ भूमि में विकसित किया गया है।