Bihar में सफाई कर्मियों की हड़ताल से पटना समेत कई जिलों में कचरे का अंबार, दूसरे दिन भी जारी रहा प्रदर्शन

Bihar: बिहार के कई जिलों में सफाईकर्मियों और ड्राइवरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की वजह से शहर गंदगी की चपेट में हैं। पटना, नालंदा और मुजफ्फरपुर जैसे बड़े शहरों में लगातार दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा, जिससे सड़कों और गल

Bihar: बिहार के कई जिलों में सफाईकर्मियों और ड्राइवरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल की वजह से शहर गंदगी की चपेट में हैं। पटना, नालंदा और मुजफ्फरपुर जैसे बड़े शहरों में लगातार दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा, जिससे सड़कों और गलियों में कचरे के ढेर लग गए हैं। इस हड़ताल का सीधा असर आम जनता की सेहत और शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है।

यह हड़ताल 30 जुलाई, 2026 से शुरू हुई थी और 31 जुलाई को भी कर्मचारी काम पर नहीं लौटे। इससे पहले जून और जुलाई के बीच कर्मचारियों ने करीब एक महीने तक चरणबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन किया था। 28 जुलाई को शहरी विकास और आवास मंत्री के साथ हुई बातचीत जब नाकाम रही, तो कर्मचारियों ने 29 जुलाई को मशाल जुलूस निकाला और अगले दिन से पूरी तरह काम बंद कर दिया। पटना नगर निगम समन्वय समिति के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि सरकार को इस हड़ताल की जानकारी डेढ़ महीने पहले ही दे दी गई थी।

पटना में करीब 4700 संविदा सफाईकर्मी और ड्राइवर इस आंदोलन में शामिल हैं, जबकि बिहारशरीफ में 600 से 700 कर्मी हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • सभी दिहाड़ी कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
  • आउटसोर्सिंग सिस्टम खत्म कर कर्मचारियों को सीधे नगर निगम में शामिल किया जाए।
  • एसीपी और एमएसीपी लाभों को बहाल किया जाए।
  • समान काम के लिए समान वेतन और मानदेय बढ़ाया जाए।
  • स्वास्थ्य बीमा और ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं दी जाएं।

इस हड़ताल का सबसे बुरा असर पटना के बोरिंग रोड, नेहरू नगर, आनंदपुरी, एसके पुरी, राजीव नगर, कंकड़बाग और राजेंद्र नगर जैसे इलाकों में दिख रहा है। मानसून के समय कचरा जमा होने से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बिहारशरीफ में भी हर दिन करीब 250 टन कचरा नहीं उठाया जा रहा है।

नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि सफाई व्यवस्था चलाने के लिए स्थायी कर्मचारियों को लगाया गया है, लेकिन हड़ताली कर्मचारी काम करने वालों को डरा-धमका रहे हैं। स्वच्छता पदाधिकारी इंद्रजीत पाल ने माना कि सफाई कार्य बुरी तरह बाधित हुआ है और वैकल्पिक इंतजाम करने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल मौर्य लोक स्थित नगर निगम मुख्यालय और सभी अंचल कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन जारी है।