Bihar में बालू खनन का दायरा बढ़ेगा, नए घाटों के लिए सर्वे शुरू; अवैध खनन रोकने के लिए तैनात होंगे 1000 ‘खना सिपाही’
Bihar: बिहार में बालू की किल्लत को दूर करने के लिए सरकार अब नए बालू घाटों की तलाश कर रही है। राज्य में खनन के दायरे को बढ़ाने के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। इस कदम से निर्माण कार्यों के लिए बालू की उपलब्धता बढ़
Bihar: बिहार में बालू की किल्लत को दूर करने के लिए सरकार अब नए बालू घाटों की तलाश कर रही है। राज्य में खनन के दायरे को बढ़ाने के लिए सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। इस कदम से निर्माण कार्यों के लिए बालू की उपलब्धता बढ़ेगी, लेकिन साथ ही अवैध खनन को रोकने के लिए सरकार ने सख्ती भी बढ़ा दी है।
खनन और भूविज्ञान विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि अवैध खनन और परिवहन पर लगाम लगाने के लिए 1,000 ‘खना सिपाहियों’ की भर्ती की जाएगी। यह एक समर्पित पुलिस बल होगा जिससे विभाग को स्थानीय पुलिस पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और वे खुद छापेमारी कर सकेंगे। पिछले तीन महीनों में छापेमारी टीमों पर 20 से ज्यादा हमले हुए थे, जिसके बाद यह फैसला लिया गया है।
राज्य में पारदर्शिता लाने के लिए अब अन्य राज्यों से आने वाले बालू और पत्थर ढोने वाले सभी कमर्शियल वाहनों में GPS लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम 7 अगस्त 2026 से लागू हो चुका है। इसके अलावा, अंतरराज्यीय पारगमन पास (ISTP) की जांच दिन-रात तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
बिहार सरकार ने खनन को लेकर कुछ कड़े नियम भी लागू किए हैं। नए मिनरल सेटलमेंट रूल्स 2026 के तहत, अगर कोई ऑपरेटर तय मात्रा से ज्यादा बालू निकालता है, तो उसे अतिरिक्त रॉयल्टी देनी होगी। वहीं, जिन 78 कंपनियों ने पहले लीज सरेंडर की थी, उन्हें अब नए टेंडर में शामिल नहीं किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि लीज सरेंडर की वजह से सरकार को करीब 700 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
वर्तमान स्थिति की बात करें तो वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अब तक 52% से ज्यादा बालू घाटों की नीलामी नहीं हो पाई है। इससे राजस्व की हानि और अवैध खनन का खतरा बढ़ गया है, जिसे जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| राजस्व संग्रह (जुलाई तक) | ₹790.23 करोड़ |
| कुल छापेमारी | 16,861 |
| पकड़े गए वाहन | 2,497 |
| वसूल किया गया जुर्माना | ₹32.64 करोड़ |
| गिरफ्तारी | 278 लोग |