Bihar के समस्तीपुर में 29 दिन बाद मिला लापता छात्र का शव, 12 फीट गहरे गड्ढे में दफनाया था

समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले में नौवीं कक्षा के एक छात्र की गुमशुदगी का मामला अब हत्याकांड में बदल गया है। 29 दिनों से लापता 14 वर्षीय ईशांत कुमार उर्फ छोटू का शव पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर एक गहरे गड्ढे से बरा

समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले में नौवीं कक्षा के एक छात्र की गुमशुदगी का मामला अब हत्याकांड में बदल गया है। 29 दिनों से लापता 14 वर्षीय ईशांत कुमार उर्फ छोटू का शव पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर एक गहरे गड्ढे से बरामद किया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी और उसके एक रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया है।

ईशांत कुमार 10 जून की शाम को अपने घर से अचानक लापता हो गया था। काफी खोजबीन के बाद भी जब उसका पता नहीं चला, तो पुलिस ने जांच तेज की। वरीय पुलिस उपाधीक्षक विवेक कुमार शर्मा के नेतृत्व में विद्यापतिनगर और मोहिउद्दीननगर थाना की संयुक्त टीम ने इस मामले की गुत्थी सुलझाई। पुलिस के दबाव के कारण मुख्य आरोपी आनंदी सिंह ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था, जिसके बाद रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई।

आरोपी की निशानदेही पर मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के लखनपट्टी गांव स्थित कलना चौर में जेसीबी की मदद से खुदाई कराई गई। वहां करीब 10 से 12 फीट गहरे गड्ढे से ईशांत का शव मिला, जिसे प्लास्टिक में लपेटकर दफनाया गया था। शव काफी हद तक सड़ चुका था। शुरुआती जांच में गला रेतने और शरीर पर गोली लगने के निशान मिले हैं, हालांकि मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगी।

मृतक के पिता रामप्रीत यादव ने बताया कि आनंदी सिंह के साथ उनका पुराना विवाद चल रहा था। उनका आरोप है कि आरोपी असल में उनके बड़े बेटे को निशाना बनाना चाहते थे, लेकिन जब वह नहीं मिला तो उन्होंने छोटे बेटे ईशांत का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी। यह भी सामने आया है कि ईशांत के पास मक्का बिक्री के कुछ पैसे थे, जिन्हें वह अपने पिता को देने वाला था।

पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी आनंदी सिंह और उसके भतीजे रमेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। FSL की टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं और पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस पूरी साजिश में और कितने लोग शामिल थे।