Bihar: समस्तीपुर जिले के रोसड़ा अनुमंडलीय अस्पताल में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ के एक वरिष्ठ क्लर्क अनिल राम को सतर्कता जांच ब्यूरो (IBI) की टीम ने 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किय
Bihar: समस्तीपुर जिले के रोसड़ा अनुमंडलीय अस्पताल में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ के एक वरिष्ठ क्लर्क अनिल राम को सतर्कता जांच ब्यूरो (IBI) की टीम ने 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 को की गई, जिससे अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया है।
रिश्वत क्यों मांगी गई थी और किसने की शिकायत
इस मामले की शिकायत देवेंद्र मंडल ने की थी, जो नवंबर 2025 में इसी अस्पताल से एक्स-रे तकनीशियन के पद से रिटायर हुए थे। देवेंद्र मंडल का करीब 1 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित था, जिसमें उनका एरियर, सात साल का बकाया वेतन और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभ शामिल थे। इस पैसे को जारी करवाने के बदले क्लर्क अनिल राम ने रिश्वत की मांग की थी।
IBI की कार्रवाई और अब तक का रिकॉर्ड
पटना स्थित सतर्कता जांच ब्यूरो ने शिकायत की जांच की और आरोपों को सही पाया। इसके बाद एक योजना बनाई गई और जैसे ही अनिल राम ने रिश्वत के पैसे लिए, टीम ने उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तार क्लर्क को पटना ले जाया गया है, जहाँ उन्हें विशेष सतर्कता न्यायालय में पेश किया जाएगा।
- यह 2026 में IBI द्वारा दर्ज की गई 50वीं FIR है।
- इस साल अब तक 45 ट्रैप ऑपरेशन चलाए गए हैं।
- अब तक कुल 43 आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा गया है।
- कुल 1,741,000 रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई है।
आगे की जांच और स्वास्थ्य विभाग का रुख
अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अन्य कर्मचारियों या अधिकारियों की मिलीभगत की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन में इस गिरफ्तारी के बाद काफी तनाव है। विभाग ने साफ कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
समस्तीपुर में किस क्लर्क को गिरफ्तार किया गया है और क्यों?
रोसड़ा अनुमंडलीय अस्पताल के वरिष्ठ क्लर्क अनिल राम को 1 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। उन्होंने एक रिटायर कर्मचारी के बकाया भुगतान जारी करने के बदले यह पैसे मांगे थे।
शिकायतकर्ता देवेंद्र मंडल का कितना पैसा बकाया था?
रिटायर एक्स-रे तकनीशियन देवेंद्र मंडल का लगभग 1 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित था, जिसमें सात साल का बकाया वेतन और रिटायरमेंट लाभ शामिल थे।