Bihar: सहरसा जिले के दो अलग-अलग सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील खाने के बाद बड़ी संख्या में बच्चे बीमार हो गए। सबसे गंभीर मामला महिषी प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय बलुआहा का है, जहां 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ गई।
Bihar: सहरसा जिले के दो अलग-अलग सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील खाने के बाद बड़ी संख्या में बच्चे बीमार हो गए। सबसे गंभीर मामला महिषी प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय बलुआहा का है, जहां 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद सौरबाजार के कन्या मध्य विद्यालय मुरचा में भी एक दर्जन से ज्यादा बच्चे बीमार मिले, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है।
सहरसा में क्या हुआ और कितने बच्चे प्रभावित हुए?
घटना की शुरुआत गुरुवार 7 मई 2026 को बलुआहा स्कूल से हुई, जहां दोपहर का भोजन करने के बाद 250 से अधिक बच्चों की हालत खराब हो गई। अगले दिन शुक्रवार 8 मई को मुरचा स्कूल में भी ऐसी ही घटना हुई। यहां के अभिभावकों ने गंभीर आरोप लगाया है कि बच्चों के खाने में जहरीले सांप का कांटा और शरीर का कुछ हिस्सा मिला था। बीमार बच्चों को तुरंत महिषी CHC और सहरसा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
प्रशासन ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दीपेश कुमार और पुलिस अधीक्षक हिमांशु ने अस्पतालों का दौरा किया। सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद के मुताबिक, शुरुआती तौर पर यह फूड पॉइजनिंग का मामला लग रहा है। प्रशासन ने खाने के नमूने FSL लैब और ड्रग इंस्पेक्टर के पास जांच के लिए भेजे हैं। फिलहाल बलुआहा स्कूल में मिड-डे मील का वितरण रोक दिया गया है। यह भी जांचा जा रहा है कि क्या शिक्षकों ने भोजन परोसने से पहले उसे चखा था।
मिड-डे मील की सप्लाई कौन कर रहा था?
जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने बताया कि महिषी प्रखंड के 68 स्कूलों में एक NGO द्वारा मध्याह्न भोजन की सप्लाई की जाती है। अभिभावकों ने इस NGO और स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। सदर एसडीएम श्रेयांश तिवारी ने कहा है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अधिकांश बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है और वे खतरे से बाहर हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सहरसा में कितने बच्चे बीमार हुए और किन स्कूलों में यह घटना हुई?
कुल 260 से अधिक बच्चे बीमार हुए। इसमें राजकीय मध्य विद्यालय बलुआहा में 250 से ज्यादा और कन्या मध्य विद्यालय मुरचा में एक दर्जन से अधिक बच्चे प्रभावित हुए।
बीमार बच्चों का इलाज कहां चल रहा है और उनकी स्थिति क्या है?
बच्चों का इलाज महिषी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और सहरसा सदर अस्पताल में चल रहा है। सिविल सर्जन के अनुसार, अधिकांश बच्चों की हालत अब स्थिर है।