Bihar: सहरसा जिले में इबोला वायरस के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। दुनिया भर में इस वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। अस्पतालों में संदिग्ध मरीजों के लिए अलग
Bihar: सहरसा जिले में इबोला वायरस के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। दुनिया भर में इस वायरस के बढ़ते प्रकोप के कारण जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। अस्पतालों में संदिग्ध मरीजों के लिए अलग बेड की व्यवस्था की गई है ताकि समय रहते इलाज शुरू हो सके।
सहरसा और बिहार में क्या तैयारियां की गई हैं?
सहरसा के सदर अस्पताल में पांच बेड और जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में दो-दो आइसोलेशन बेड सुरक्षित रखे गए हैं। सिविल सर्जन डॉ. राजानारायण प्रसाद ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। बिहार सरकार ने राज्य के सभी जिलों में क्वारंटीन सेंटर बनाने के निर्देश दिए हैं और नेपाल सीमा से लेकर एयरपोर्ट तक निगरानी बढ़ा दी है। पटना के PMCH में 8 बेड और दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल में 6 विशेष बेड आरक्षित किए गए हैं।
केंद्र सरकार और DGCA के क्या निर्देश हैं?
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने इस स्थिति की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक की है। DGCA ने एयरलाइंस के लिए नए नियम जारी किए हैं, जिसमें यात्रियों के लिए थर्मल स्क्रीनिंग और सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म अनिवार्य कर दिया गया है। विमानों में पीपीई किट, मास्क और सैनिटाइजर का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है। भारत सरकार ने लोगों को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा न करने की सलाह दी है।
इबोला के संदिग्ध मरीजों की जांच कैसे होगी?
अगर किसी मरीज में इबोला के लक्षण मिलते हैं, तो उनके सैंपल जांच के लिए ICMR की पुणे लैब भेजे जाएंगे। संदिग्ध मरीजों को सुरक्षित तरीके से अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस सेवाओं को भी अलर्ट पर रखा गया है। स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों की देखभाल और संक्रमण रोकने के लिए विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। हालांकि, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ किया है कि भारत में अभी तक संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या भारत में इबोला वायरस का कोई मामला मिला है?
नहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में इबोला संक्रमण का अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
सहरसा में मरीजों के लिए क्या व्यवस्था है?
सदर अस्पताल सहरसा में 5 आइसोलेशन बेड और सभी पीएचसी में 2-2 बेड सुरक्षित रखे गए हैं ताकि संदिग्ध मरीजों का इलाज अलग से हो सके।