Bihar: बिहार के ग्रामीण इलाकों में आने-जाने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार गांवों को मुख्य सड़कों, प्रखंड और जिला मुख्यालयों से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर सड़कों का जाल बिछाने जा रही है। इस योजना के तहत
Bihar: बिहार के ग्रामीण इलाकों में आने-जाने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार गांवों को मुख्य सड़कों, प्रखंड और जिला मुख्यालयों से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर सड़कों का जाल बिछाने जा रही है। इस योजना के तहत न सिर्फ नई सड़कें बनेंगी, बल्कि पुरानी सड़कों को चौड़ा भी किया जाएगा ताकि यातायात में आसानी हो और विकास को गति मिले।
सड़कों के चौड़ीकरण और नए निर्माण की क्या है योजना
सरकार का लक्ष्य है कि 100 की आबादी वाली हर बसावट को पक्की सड़क से जोड़ा जाए। इसके लिए ‘सात निश्चय-3’ योजना के तहत काम किया जा रहा है। मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- 11,942 किलोमीटर लंबी मौजूदा सड़कों की चौड़ाई 12 फीट से बढ़ाकर 18 फीट की जाएगी।
- चालू वित्तीय वर्ष में 3,000 किलोमीटर नई सड़कों का निर्माण होगा।
- कुल 300 नए पुल-पुलिया बनाए जाएंगे।
- पहले चरण में ज्यादा ट्रैफिक वाली 595 ग्रामीण सड़कों को चौड़ीकरण के लिए चुना गया है।
- अगर सड़क चौड़ी करने के लिए जमीन कम होगी, तो Rural Works Department खुद जमीन अधिग्रहित करेगा।
बजट और भविष्य के लक्ष्य क्या हैं
ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने बताया कि इस पूरे काम के लिए भारी बजट का इंतजाम किया गया है। विभाग ने आने वाले समय के लिए भी लक्ष्य तय कर लिए हैं। बजट और योजना का विवरण इस टेबल में देखें:
| विवरण |
जानकारी/राशि |
| चालू वर्ष का कुल बजट |
11,312.18 करोड़ रुपये |
| पुराने पुलों का रखरखाव |
लगभग 2,000 करोड़ रुपये |
| मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना |
909 पुल (4,744 करोड़ रुपये स्वीकृत) |
| वर्ष 2026-27 का लक्ष्य |
3,300 किमी सड़क और 300 पुल |
| पटना जिले के लिए विशेष मंजूरी |
18 नए पुल (115 करोड़ रुपये) |
पिछले ढाई दशकों में बिहार में करीब 1.3 लाख किलोमीटर सड़कें बन चुकी हैं। अब सरकार ग्रीन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रही है, जिसमें सड़क बनाने के लिए वेस्ट प्लास्टिक का उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीण सड़कों को डबल लेन करने के लिए सर्वे का काम जनवरी 2026 तक पूरा करने की योजना है।