Bihar: रोहतास जिले के सासाराम से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक शादी समारोह के दौरान जब दूल्हा और दुल्हन फेरे ले रहे थे, तभी पुलिस ने मंडप में एंट्री की। पुलिस ने दुल्हन से उसका आधार कार्ड मांगा और जैसे ह
Bihar: रोहतास जिले के सासाराम से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक शादी समारोह के दौरान जब दूल्हा और दुल्हन फेरे ले रहे थे, तभी पुलिस ने मंडप में एंट्री की। पुलिस ने दुल्हन से उसका आधार कार्ड मांगा और जैसे ही उम्र का पता चला, तुरंत शादी रुकवा दी। यह पूरी कार्रवाई बाल विवाह को रोकने के लिए की गई।
कैसे रुकवाई गई यह शादी और क्या था मामला
यह घटना सासाराम के राजपुर थाना क्षेत्र के मलावा गांव की है। 28 अप्रैल 2026 को यहाँ एक शादी हो रही थी, जिसमें दूल्हा मध्य प्रदेश के रतलाम जिले का रहने वाला था। पुलिस को पहले से ही इस बाल विवाह की सूचना मिल गई थी। राजपुर ब्लॉक के BDO रवि राज, जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम और स्थानीय प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की।
आधार कार्ड ने कैसे खोला राज
जब प्रशासन ने दुल्हन का आधार कार्ड चेक किया, तो पाया कि उसकी उम्र लगभग 17 साल और 8 महीने है। कानून के मुताबिक लड़की की शादी की न्यूनतम उम्र 18 साल होनी चाहिए। बिहार बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2010 के तहत यह एक अपराध है। अधिकारियों ने परिवार को समझाया कि कम उम्र में शादी करना गैरकानूनी है और भविष्य में ऐसा करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
प्रशासन की कार्रवाई और परिवार का रिएक्शन
शुरुआत में दुल्हन के परिवार ने इस कार्रवाई का विरोध किया और नाराजगी जताई, लेकिन प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए शादी को रुकवा दिया। बाल संरक्षण टीम को इस शादी की जानकारी 11 अप्रैल 2026 को ही मिल गई थी, जिसके बाद पुलिस अलर्ट थी। फिलहाल गांव में शांति है और प्रशासन निगरानी रख रहा है ताकि दोबारा ऐसी कोशिश न हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में शादी रुकवाने का मुख्य कारण क्या था
सासाराम के मलावा गांव में दुल्हन की उम्र आधार कार्ड के अनुसार 17 साल 8 महीने थी, जो कानूनी उम्र 18 साल से कम थी, इसलिए पुलिस ने बाल विवाह रोकने के लिए शादी रुकवा दी।
इस मामले में किन अधिकारियों ने कार्रवाई की
राजपुर ब्लॉक के BDO रवि राज, जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम और राजपुर थाना पुलिस ने मिलकर इस बाल विवाह को रुकवाया।