Bihar: बिहार सरकार ने सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों के लिए एक बहुत जरूरी फैसला लिया है। अब घायलों को अस्पताल में भर्ती होने पर 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। उपमुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री विजय कुमार चौध
Bihar: बिहार सरकार ने सड़क दुर्घटना में घायल होने वाले लोगों के लिए एक बहुत जरूरी फैसला लिया है। अब घायलों को अस्पताल में भर्ती होने पर 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। उपमुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने रविवार, 19 अप्रैल, 2026 को परिवहन विभाग की मीटिंग में इस योजना का ऐलान किया। इसका मकसद हादसे के तुरंत बाद यानी ‘गोल्डन आवर’ में सही इलाज दिलाकर जान बचाना है।
मुफ्त इलाज की सुविधा कैसे मिलेगी और क्या हैं नियम
यह पूरी सुविधा कैशलेस होगी, जिसका मतलब है कि मरीज के परिवार को पैसे नहीं देने होंगे। सरकार सीधे अस्पताल को भुगतान करेगी। इस योजना की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
- इलाज की अधिकतम सीमा 1.5 लाख रुपये तक होगी।
- दुर्घटना की तारीख से अगले 7 दिनों तक नामित अस्पतालों में इलाज मिलेगा।
- यह सुविधा PMJAY पैनल के अस्पतालों में उपलब्ध होगी।
- राष्ट्रीय राजमार्ग (NH), राज्य उच्चपथ (SH) और ग्रामीण सड़कों पर हुए हादसों पर यह लागू होगा।
- पुलिस को 24 घंटे के भीतर हादसे की सूचना देना और अस्पताल को पोर्टल पर जानकारी दर्ज करना जरूरी होगा।
मददगारों को इनाम और ट्रैफिक व्यवस्था में बदलाव
सरकार ने सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि दूसरों की मदद करने वालों के लिए भी इनाम की घोषणा की है। अगर कोई राहगीर घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुँचाता है, तो उसे 25,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा। इसके अलावा, पटना, मुजफ्फरपुर, सारण, मोतिहारी, गया और नालंदा जिलों में हादसों को कम करने के लिए खास प्लान बनाया जाएगा। शहरों में ट्रैफिक सुधारने के लिए ITMS सिस्टम लाया जाएगा और भारी वाहनों के ड्राइवरों के लिए ट्रेनिंग अनिवार्य होगी।
| सुविधा/नियम |
विवरण |
| मुफ्त इलाज राशि |
1.5 लाख रुपये तक |
| मददगार को इनाम |
25,000 रुपये |
| नोडल एजेंसी |
राज्य सड़क सुरक्षा परिषद |
| इलाज की अवधि |
हादसे के बाद अधिकतम 7 दिन |
| ड्राइवर प्रोत्साहन |
100 रुपये अल्पाहार और 200 रुपये प्रोत्साहन (ट्रेनिंग के बाद) |