Bihar: बिहार में राजस्व कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल को लेकर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने 14 अप्रैल 2026 को 41 अंचल अधिकारियों (CO) को निलंबित कर दिया है। पिछले दो महीने से अंचलों में कामकाज बंद होन
Bihar: बिहार में राजस्व कर्मचारियों और अधिकारियों की हड़ताल को लेकर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने 14 अप्रैल 2026 को 41 अंचल अधिकारियों (CO) को निलंबित कर दिया है। पिछले दो महीने से अंचलों में कामकाज बंद होने और सरकारी आदेशों को मानने से इनकार करने के कारण यह बड़ी कार्रवाई की गई है। इस हड़ताल की वजह से आम जनता के जमीन संबंधी काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
अधिकारियों के निलंबन की मुख्य वजह क्या है?
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई ‘बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976’ और ‘बिहार सरकारी सेवक नियमावली 2005’ के तहत की गई है। निलंबित अधिकारियों पर कई गंभीर आरोप हैं:
- मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा का विरोध करना।
- उपमुख्यमंत्री के भूमि सुधार जन कल्याण संवाद कार्यक्रम में शामिल न होना।
- राजस्व वसूली के लक्ष्य को पूरा न करना।
- अतिक्रमण हटाने के कोर्ट ऑर्डर का पालन न करना।
- जनगणना-2027 जैसे जरूरी राष्ट्रीय कार्यों में बाधा डालना।
आम जनता और सरकारी कामकाज पर क्या असर पड़ा है?
राजस्व कर्मियों की इस हड़ताल का सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों को हो रहा है। राज्य के 537 अंचलों में काम पूरी तरह ठप है, जिससे लाखों लोग परेशान हैं। वर्तमान स्थिति इस प्रकार है:
| प्रभावित क्षेत्र/कार्य |
विवरण |
| पेंडिंग फाइलें |
40 लाख से ज्यादा सरकारी फाइलें और आवेदन रुके हुए हैं |
| दाखिल-खारिज |
हर दिन लगभग 5,500 आवेदन लंबित हो रहे हैं |
| परिमार्जन |
रोजाना करीब 10,000 आवेदन पेंडिंग हो रहे हैं |
| राजस्व वसूली |
वसूली का काम लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा है |
सरकार और कर्मचारी संगठन का क्या कहना है?
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ कहा है कि सरकार जनहित से समझौता नहीं करेगी और काम रोकने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राजस्व प्रशासन को पारदर्शी बनाया जाए। दूसरी तरफ, बिहार राजस्व सेवा महासंघ के नेताओं का कहना है कि वे अपनी मांगों और अधिकारों के लिए आंदोलन जारी रखेंगे और इस कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं।