Bihar के 7 जिलों में होगा रेयर अर्थ एलिमेंट का खनन, ड्रोन और मिसाइल बनाने में होगा इस्तेमाल, युवाओं को मिलेगा रोजगार
Bihar: बिहार के सात जिलों में रेयर अर्थ एलिमेंट (REE) और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के बड़े भंडार मिले हैं। राज्य सरकार अब यहां बड़े पैमाने पर खनन शुरू करने की तैयारी में है। इन खनिजों का इस्तेमाल परमाणु बम, मिसाइल, ड्रोन और
Bihar: बिहार के सात जिलों में रेयर अर्थ एलिमेंट (REE) और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों के बड़े भंडार मिले हैं। राज्य सरकार अब यहां बड़े पैमाने पर खनन शुरू करने की तैयारी में है। इन खनिजों का इस्तेमाल परमाणु बम, मिसाइल, ड्रोन और स्मार्ट फोन जैसे आधुनिक उपकरणों को बनाने में किया जाता है, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति और सुरक्षा क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा।
राज्य के खान एवं भू-तत्व मंत्री प्रमोद कुमार चंद्रवंशी ने बताया कि दक्षिण बिहार के सात जिलों में अगले कुछ वर्षों में लगभग एक दर्जन महत्वपूर्ण खनिजों का खनन शुरू हो जाएगा। केंद्र सरकार की देखरेख में अब ‘जी1 अन्वेषण’ यानी अंतिम चरण की विस्तृत खोज शुरू होने वाली है। केंद्र सरकार ने 14 ब्लॉकों की पहचान की है और MSTC के जरिए इनकी नीलामी की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।
आधिकारिक अनुमान के मुताबिक, बिहार में मिले इन खनिजों की कुल कीमत 14,325 करोड़ रुपये से 14,594 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है। इस प्रोजेक्ट में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) और परमाणु खनिज अन्वेषण और अनुसंधान निदेशालय (AMD) जैसी संस्थाएं काम कर रही हैं। नवादा क्षेत्र में विशेष रूप से रेडियोमेट्रिक सर्वेक्षण और मैपिंग का काम किया जा रहा है।
| जिला | मिले खनिज |
|---|---|
| बांका | कोबाल्ट, तांबा, सीसा और जस्ता |
| भागलपुर | टाइटेनियम, एल्यूमीनियम |
| नवादा | टाइटेनियम, वैनाडियम युक्त मैग्नेटाइट |
| गया | निकल, क्रोमियम, लौह अयस्क |
| रोहतास | ग्लॉकोनाइट |
| जमुई | सोने के भंडार के संकेत |
| जहानाबाद | लौह अयस्क |
इन खनिजों का उपयोग केवल सेना के हथियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों, लैपटॉप, टीवी स्क्रीन और कैमरा लेंस जैसे गैजेट्स में भी होता है। इस खनन कार्य से स्थानीय स्तर पर हजारों लोगों को सीधा और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। इससे बिहार के युवाओं को काम के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।