Bihar: पटना के 29 वर्षीय युवा रैपर Arinar Black (हर्ष राज) इन दिनों चर्चा में हैं. वह अपने गानों के जरिए बिहार की गरीबी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों को सामने ला रहे हैं. उनका संगीत केवल मनोरंजन नहीं बल्कि
Bihar: पटना के 29 वर्षीय युवा रैपर Arinar Black (हर्ष राज) इन दिनों चर्चा में हैं. वह अपने गानों के जरिए बिहार की गरीबी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मुद्दों को सामने ला रहे हैं. उनका संगीत केवल मनोरंजन नहीं बल्कि राज्य की असली जमीनी हकीकत और युवाओं के संघर्ष की कहानी बयां करता है.
Arinar Black कौन हैं और क्यों चर्चा में हैं
Arinar Black का असली नाम हर्ष राज है और वह पटना के रहने वाले हैं. वह मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं और उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 2020 में ‘Freewill’ गाने से की थी. वह अपने गानों में बिहारी पहचान और राज्य की समस्याओं को प्राथमिकता देते हैं. उनके गानों में पलायन और व्यवस्था की कमियों पर सीधा प्रहार किया गया है, जिससे Gen Z यानी आज की युवा पीढ़ी उनसे खुद को जोड़ पा रही है.
पटना के रैप बैटल में क्या हुआ था
दिसंबर 2025 में पटना में एक रैप बैटल के दौरान एक बड़ी घटना हुई. जब Arinar Black ने अपना गाना ‘Change’ गाना शुरू किया, तो अचानक वहां की लाइटें काट दी गईं और पुलिस को बुला लिया गया. यह गाना सरकार की विफलताओं और खराब अर्थव्यवस्था पर सवाल उठाता है. Arinar Black ने इस घटना को अपने संगीत की ताकत माना, क्योंकि उनके शब्दों का असर व्यवस्था पर पड़ा.
बिहार के हिप-हॉप आंदोलन की मुख्य बातें
- Arinar Black के साथ मेरियो, मानस और संकेत शिकरिवाल जैसे कलाकार भी इस बदलाव का हिस्सा हैं.
- यह आंदोलन व्यावसायिक भोजपुरी गानों से अलग है और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित है.
- उनके प्रमुख गानों में ‘Degrade’, ‘Jagao’ और ‘Change’ शामिल हैं.
- संगीत निर्माण में एस्ट्रिलिक्स, सिद्धरील, अभिषेक मिश्रा और सौरभ बिस्वास जैसे इंजीनियरों का योगदान रहा है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Arinar Black के सबसे चर्चित गाने कौन से हैं
Arinar Black के प्रमुख गानों में 2020 का ‘Freewill’, 1 मार्च 2024 को आया ‘Degrade’, 17 नवंबर 2025 का ‘Jagao’ और 28 फरवरी 2026 को रिलीज हुआ ‘Change’ शामिल है.
Arinar Black के गानों का मुख्य विषय क्या होता है
उनके गानों में मुख्य रूप से बिहार का पलायन, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, गरीबी और सरकारी विफलताओं जैसे मुद्दों को उठाया जाता है.