Bihar: राजगीर में ग्लास स्काईवॉक की कामयाबी के बाद अब सरकार यहाँ देश का पहला ‘Cliff Walk’ प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। यह प्रोजेक्ट पर्यटकों को जमीन से सैकड़ों फीट ऊपर हवा में चलने का अनुभव कराएगा। इससे बिह
Bihar: राजगीर में ग्लास स्काईवॉक की कामयाबी के बाद अब सरकार यहाँ देश का पहला ‘Cliff Walk’ प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। यह प्रोजेक्ट पर्यटकों को जमीन से सैकड़ों फीट ऊपर हवा में चलने का अनुभव कराएगा। इससे बिहार में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए मौके खुलेंगे।
Cliff Walk कहाँ बनेगा और इसकी खासियत क्या है?
यह क्लिफ वॉक राजगीर के जेठियन पर्वत श्रृंखला (Jethian mountain range) पर बनाया जाएगा, जो नेचर सफारी के पास ही स्थित है। इसे जमीन से लगभग 252 से 300 फीट की ऊंचाई पर तैयार किया जाएगा। यह मौजूदा 85 फीट के ग्लास ब्रिज से ज्यादा लंबा और चुनौतीपूर्ण होगा, जिससे पर्यटकों को अलग तरह का रोमांच मिलेगा और ग्लास ब्रिज पर भीड़ भी कम होगी।
प्रोजेक्ट की लागत और निर्माण का समय क्या है?
वन विभाग ने इस प्रोजेक्ट के लिए 28 मार्च 2026 को टेंडर जारी किया है। 100 मीटर लंबे इस क्लिफ वॉक को टेंडर जारी होने के छह महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 4.5 करोड़ रुपये है। इसके निर्माण के लिए पश्चिम बंगाल की एक सर्वे टीम ने मिट्टी और चट्टानों की मजबूती की जांच पूरी कर ली है ताकि सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा सके।
पर्यावरण और नियमों का पालन कैसे होगा?
यह पूरा प्रोजेक्ट बिहार पर्यटन नीति 2023 के नियमों के तहत बनाया जा रहा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य विकास के साथ-साथ पर्यावरण की रक्षा करना है। निर्माण के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पहाड़ों की प्राकृतिक बनावट, पानी के स्तर और खनिजों पर कोई बुरा असर न पड़े। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि इससे राजगीर एक प्रमुख ‘थ्रिल टूरिज्म’ हब बन जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
राजगीर क्लिफ वॉक की ऊंचाई कितनी होगी?
यह क्लिफ वॉक जमीन से लगभग 252 से 300 फीट की ऊंचाई पर बनाया जाएगा।
Cliff Walk का निर्माण कब तक पूरा होगा?
28 मार्च 2026 को टेंडर जारी किया गया है और इसे अगले छह महीनों में पूरा करने का लक्ष्य है।