Bihar : पटना जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने AC कोच में चोरी की घटना के लिए भारतीय रेलवे को जिम्मेदार ठहराया है। आयोग ने रेलवे को आदेश दिया है कि वह पीड़िता साधना देवी को 1.25 लाख रुप
Bihar : पटना जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने AC कोच में चोरी की घटना के लिए भारतीय रेलवे को जिम्मेदार ठहराया है। आयोग ने रेलवे को आदेश दिया है कि वह पीड़िता साधना देवी को 1.25 लाख रुपये का मुआवजा दे। यह कानूनी लड़ाई करीब 8 साल तक चली, जिसके बाद अब पीड़िता को राहत मिली है।
क्या था पूरा मामला और कब हुई चोरी
मधेपुरा की रहने वाली साधना देवी 12 जुलाई 2017 को अपने पति के साथ लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के AC-3 कोच में यात्रा कर रही थीं। ट्रेन पाटलिपुत्र स्टेशन से चली थी और जब ट्रेन जबलपुर के पास पहुंची, तब उनका बैग चोरी हो गया। इसके बाद साधना देवी ने 2018 में उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।
रेलवे पुलिस की कार्रवाई और कोर्ट का फैसला
इस मामले में रेलवे पुलिस ने 2019 में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था और दो मोबाइल फोन बरामद किए थे, लेकिन बाकी सामान नहीं मिला। पटना जिला उपभोक्ता आयोग ने कहा कि रिजर्व कोच में चोरी होना रेलवे की सेवा में कमी और लापरवाही है। आयोग के मुताबिक, रिजर्व कोच में यात्रियों और उनके सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी रेलवे की होती है।
मुआवजे की राशि और समय सीमा
- कुल मुआवजा: 1 लाख रुपये
- कानूनी खर्च: 25,000 रुपये
- अन्य आदेश: बरामद किए गए दो मोबाइल फोन पीड़िता को लौटाए जाएं
कोर्ट ने रेलवे को यह पूरा भुगतान 60 दिनों के भीतर करने का निर्देश दिया है। अगर रेलवे इस आदेश का पालन नहीं करता है, तो पीड़िता दोबारा कोर्ट में निष्पादन याचिका दायर कर सकती है।