Bihar को मिला 10,000 करोड़ का रेल बजट, छपरा-दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन शुरू और पटना स्टेशन का होगा विस्तार
Bihar: राज्य के रेल बुनियादी ढांचे को बदलने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के लिए 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का रिकॉर्ड बजट दिया है।
Bihar: राज्य के रेल बुनियादी ढांचे को बदलने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के लिए 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का रिकॉर्ड बजट दिया है। इस निवेश का मकसद राज्य में यात्रा को आसान बनाना और आर्थिक विकास के साथ रोजगार के नए मौके पैदा करना है।
रेल मंत्री के अनुसार, 2014 के मुकाबले बिहार का रेल बजट अब नौ गुना बढ़ गया है। फिलहाल राज्य में करीब 1.15 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए बिहार के 98 स्टेशनों का कायाकल्प किया जा रहा है और राज्य में अब 8 Vande Bharat और 5 Amrit Bharat ट्रेनें चल रही हैं।
क्षेत्र की पुरानी मांग को पूरा करते हुए छपरा और दिल्ली के बीच नई एक्सप्रेस ट्रेन शुरू की गई है। यह ट्रेन सीधे तौर पर बिहार और देश की राजधानी को जोड़ेगी।
| ट्रेन विवरण | समय और रूट |
|---|---|
| ट्रेन नंबर 12527 (छपरा से दिल्ली) | हर रविवार रात 8:50 बजे छपरा से चलेगी, अगले दिन दोपहर 2:00 बजे Anand Vihar पहुंचेगी |
| ट्रेन नंबर 12528 (दिल्ली से छपरा) | हर सोमवार शाम 4:25 बजे Anand Vihar से चलेगी, अगले दिन सुबह 9:40 बजे छपरा पहुंचेगी |
| मुख्य स्टॉपेज | बल्लिया, मऊ, आजमगढ़, शाहगंज, जौनपुर, सुल्तानपुर, लखनऊ, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद |
पटना में भीड़ कम करने के लिए Hardinge Park में एक नया स्टेशन बनाया जा रहा है, जिसमें 5 नए प्लेटफॉर्म होंगे। करीब 95 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस स्टेशन से पटना जंक्शन का दबाव कम होगा। इसके अलावा, फतुहा में भी नए रेलवे विकास कार्य हो रहे हैं और पटना मेट्रो का Malahi Pakri स्टेशन जल्द शुरू होने वाला है।
बिहार अब दुनिया भर में रेल इंजन भेजने का केंद्र बन गया है। ‘Make in India’ के तहत Marhowrah प्लांट में बने 51वें लोकोमोटिव इंजन को अफ्रीका के देश Guinea भेजा गया है। भारत ने तीन साल में 150 इंजन भेजने का सौदा किया है, जिसकी कीमत 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। ये इंजन Guinea के Simandou आयरन ओर प्रोजेक्ट में काम आएंगे। इन इंजनों में एसी केबिन, फ्रिज और माइक्रोवेव जैसी सुविधाएं दी गई हैं ताकि वहां के कठिन मौसम में काम किया जा सके।