Bihar: पूर्णिया पुलिस ने एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो फर्जी आधार और पैन कार्ड बनाने का काम कर रहा था। पुलिस ने छापेमारी कर इस गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। मौके से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्जी
Bihar: पूर्णिया पुलिस ने एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो फर्जी आधार और पैन कार्ड बनाने का काम कर रहा था। पुलिस ने छापेमारी कर इस गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। मौके से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश अभी जारी है।
छापेमारी में क्या-क्या सामान मिला
पुलिस ने जब इस गिरोह के ठिकाने पर छापा मारा तो वहां से भारी मात्रा में सामान बरामद हुआ। जब्त किए गए सामानों में लैपटॉप, मोबाइल फोन और फिंगरप्रिंट स्कैनर शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस को कई फर्जी दस्तावेज, बैंक पासबुक और एटीएम कार्ड भी मिले हैं जिनका इस्तेमाल गलत कामों के लिए किया जा रहा था।
बिहार में फर्जी दस्तावेज बनाने वाले गिरोहों पर कार्रवाई
बिहार में पिछले कुछ समय से फर्जी आईडी कार्ड बनाने वालों के खिलाफ पुलिस काफी सख्त है। अप्रैल 2026 में भार्गमा में भी ऐसा ही एक गिरोह पकड़ा गया था जिसमें मोहम्मद कैसर और मोहम्मद सरफराज नाम के लोग शामिल थे। वहीं सुपौल में भी साइबर पुलिस ने एक संगठित गिरोह को पकड़ा था जिसने फर्जी वेबसाइट के जरिए हजारों फर्जी निवास और जन्म प्रमाण पत्र बनाए थे।
कैसे काम करता था यह फर्जीवाड़ा
जांच में सामने आया है कि ये गिरोह अधिकृत आधार ऑपरेटरों के यूजरनेम, पासवर्ड और फिंगरप्रिंट को क्लोन कर लेते थे। इसके बाद वे अवैध तरीके से आधार कार्ड में बदलाव करते थे और Aadhaar Enabled Payment System (AEPS) के जरिए धोखाधड़ी करते थे। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि बाकी दोषियों को पकड़ा जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पूर्णिया पुलिस ने छापेमारी में क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने छापेमारी के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन, फिंगरप्रिंट स्कैनर, फर्जी दस्तावेज और कई बैंक पासबुक व एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।
बिहार में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह कैसे काम करते हैं?
ये गिरोह अधिकृत आधार ऑपरेटरों के यूजरनेम और फिंगरप्रिंट क्लोन करके फर्जी आईडी बनाते हैं और AEPS के जरिए बैंक खातों से धोखाधड़ी करते हैं।