Bihar : बिहार के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। अब स्कूल अपनी मर्जी से न तो फीस बढ़ा पाएंगे और न ही हर सा
Bihar : बिहार के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। अब स्कूल अपनी मर्जी से न तो फीस बढ़ा पाएंगे और न ही हर साल यूनिफॉर्म का रंग या डिजाइन बदल पाएंगे। नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों की मान्यता तक रद्द की जा सकती है।
यूनिफॉर्म और किताबों को लेकर क्या हैं नए नियम?
बिहार सरकार ने साफ किया है कि कोई भी निजी स्कूल अभिभावकों को किसी खास दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर नहीं करेगा। लोग अपनी पसंद की दुकान से सामान खरीद सकते हैं। साथ ही, यूनिफॉर्म का डिजाइन या रंग कम से कम 3 साल तक नहीं बदला जाएगा ताकि माता-पिता पर आर्थिक बोझ न बढ़े। स्कूलों को किताबों की लिस्ट और यूनिफॉर्म की जानकारी नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर देनी होगी।
फीस वृद्धि और जुर्माने का क्या प्रावधान है?
Bihar Private Schools (Fees Regulation) Act 2019 के तहत, स्कूल पिछले साल की तुलना में 7% से ज्यादा फीस नहीं बढ़ा सकते। अगर इससे ज्यादा बढ़ोतरी करनी है, तो Fee Regulatory Committee (FRC) से मंजूरी लेना जरूरी है। नियमों को तोड़ने वाले स्कूलों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा:
| उल्लंघन का प्रकार |
जुर्माने की राशि |
| पहली बार गलती करने पर |
अधिकतम 1,00,000 रुपये |
| दूसरी बार या बार-बार गलती पर |
2,00,000 रुपये प्रति मामला |
| लगातार नियमों की अनदेखी |
स्कूल की मान्यता रद्द हो सकती है |
RTE कोटा और एडमिशन के नियम क्या हैं?
शिक्षा विभाग अब RTE नियमों को भी सख्ती से लागू कर रहा है। निजी स्कूलों के लिए 25% सीटें RTE कोटा के तहत बच्चों को देना अनिवार्य है। एडमिशन के समय किसी भी तरह का स्क्रीनिंग टेस्ट लेना मना है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक Vikram Virkar ने निर्देश दिया है कि जो स्कूल इन नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन पर 25,000 से 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा। बिना मान्यता के स्कूल चलाने वालों पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना और प्रतिदिन 10,000 रुपये का अतिरिक्त दंड लग सकता है।