Bihar: राज्य के प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई कराने वाले बच्चों के अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर आई है। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। अब स्कूल अपनी मर्जी से फीस नहीं ब
Bihar: राज्य के प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाई कराने वाले बच्चों के अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर आई है। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary ने स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। अब स्कूल अपनी मर्जी से फीस नहीं बढ़ा पाएंगे और न ही अभिभावकों को किसी खास दुकान से सामान खरीदने के लिए मजबूर कर सकेंगे।
फीस और किताबों को लेकर क्या हैं नए नियम
सरकार ने आदेश दिया है कि सभी निजी स्कूलों को अपनी फीस का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करना होगा। अब स्कूल बिना किसी ठोस वजह के फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। इसके अलावा, अभिभावक अब किताबें और यूनिफॉर्म अपनी पसंद की किसी भी दुकान से खरीद सकेंगे। हर साल महंगी किताबें बदलने की मजबूरी को भी खत्म किया जाएगा।
छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा पर असर
मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि किसी भी छात्र को फीस बकाया होने की वजह से परीक्षा देने से नहीं रोका जाएगा। स्कूल बच्चों का रिजल्ट या मार्कशीट भी नहीं रोक पाएंगे। इन नियमों का मकसद शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है ताकि आम परिवार पर आर्थिक बोझ कम हो सके।
नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई
इन फैसलों की घोषणा 12 मई, 2026 को की गई। CM Samrat Choudhary ने चेतावनी दी है कि जो भी स्कूल इन सरकारी आदेशों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सरकार अब स्कूलों की जवाबदेही तय करेगी ताकि छात्रों और अभिभावकों के हितों की रक्षा हो सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अब प्राइवेट स्कूल फीस बकाया होने पर परीक्षा रोक सकते हैं?
नहीं, नए नियमों के मुताबिक किसी भी छात्र को फीस बकाया होने के कारण परीक्षा देने या अपना रिजल्ट प्राप्त करने से वंचित नहीं किया जाएगा।
किताबों और यूनिफॉर्म के लिए क्या नया नियम आया है?
अभिभावक अब किसी एक खास दुकान से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं होंगे। वे अपनी सुविधा और बजट के अनुसार कहीं से भी खरीदारी कर सकते हैं।