Bihar: बिहार सरकार के गृह विभाग ने पुलिस प्रशासन में बड़ा बदलाव किया है। विभाग ने बिहार पुलिस सेवा (BPS) के 54 अधिकारियों का तबादला करते हुए उनकी नई तैनाती की लिस्ट जारी कर दी है। इस फेरबदल का मुख्य मकसद राज्य में कानून-
Bihar: बिहार सरकार के गृह विभाग ने पुलिस प्रशासन में बड़ा बदलाव किया है। विभाग ने बिहार पुलिस सेवा (BPS) के 54 अधिकारियों का तबादला करते हुए उनकी नई तैनाती की लिस्ट जारी कर दी है। इस फेरबदल का मुख्य मकसद राज्य में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाना और साइबर अपराधों पर लगाम कसना है।
किन विभागों में हुई सबसे ज्यादा तैनाती
सरकार ने इस बार साइबर क्राइम, आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और अपराध अनुसंधान विभाग (CID) जैसी महत्वपूर्ण यूनिट्स पर ज्यादा ध्यान दिया है। बड़ी संख्या में अधिकारियों को इन विभागों में भेजा गया है ताकि डिजिटल फ्रॉड और आर्थिक घोटालों पर सख्ती से कार्रवाई हो सके। इसके अलावा आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) और विशेष निगरानी इकाई (SVU) में भी नई नियुक्तियां की गई हैं।
कौन से अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
गृह विभाग द्वारा जारी सूची के अनुसार मोहम्मद अली अंसारी को सहायक पुलिस महानिरीक्षक (यातायात), पटना बनाया गया है। वहीं मनोज राम चौधरी को मधुबनी से हटाकर अपराध अनुसंधान विभाग, पटना भेजा गया है। वंदना मुखर्जी को मद्यनिषेध एवं राज्य उत्पाद नियंत्रण ब्यूरो में अपर पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा अनूप प्रसाद को बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर में वरीय पुलिस उपाधीक्षक बनाया गया है।
साइबर अपराध रोकने के लिए विशेष तैयारी
बिहार सरकार साइबर क्राइम को रोकने के लिए काफी गंभीर है। इसी वजह से कई अधिकारियों को विशेष ट्रेनिंग के लिए भेजा जा रहा है। शाहनवाज अख्तर को रोहतास से नवादा और अब्दुर रहमान दानिश को सारण से गया के साइबर क्राइम थानों में तैनात किया गया है। वहीं अभिषेक कुमार को साइबर क्राइम की ट्रेनिंग के लिए मुंबई भेजा गया है। विभाग ने सभी अधिकारियों को तुरंत अपने नए कार्यस्थल पर जॉइन करने का आदेश दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार पुलिस में कुल कितने अधिकारियों का तबादला हुआ है
मई 2026 में बड़े पैमाने पर बदलाव हुए हैं, जिसमें 16 वरिष्ठ IPS, 2 अन्य IPS और 54 से 61 DSP/BPS स्तर के अधिकारियों के तबादले शामिल हैं।
इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य क्या है
इस प्रशासनिक बदलाव का मुख्य उद्देश्य राज्य की कानून-व्यवस्था को मजबूत करना, प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाना और विशेष रूप से साइबर एवं आर्थिक अपराधों पर नियंत्रण पाना है।