Bihar: राज्य में लोगों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए बिहार पुलिस एक नया सिस्टम लागू करने जा रही है. अब राज्य के सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर पैनिक बटन लगाए जाएंगे. इसका मकसद यह है कि किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना
Bihar: राज्य में लोगों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए बिहार पुलिस एक नया सिस्टम लागू करने जा रही है. अब राज्य के सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर पैनिक बटन लगाए जाएंगे. इसका मकसद यह है कि किसी भी आपात स्थिति या दुर्घटना के समय लोग तुरंत मदद बुला सकें और पुलिस बिना समय गंवाए मौके पर पहुंच सके.
पैनिक बटन कैसे काम करेगा और क्या है पूरा प्लान
बिहार पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (तकनीकी सेवा एवं संचार) Amit Lodha ने बताया कि ये पैनिक बटन सीधे डायल-112 के नेटवर्क से जुड़े होंगे. जब भी कोई व्यक्ति इस बटन को दबाएगा, उसकी सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम (PCR) तक पहुंच जाएगी. इससे राहत और बचाव दल को घटनास्थल की सटीक जानकारी मिलेगी और वे पीड़ितों तक जल्दी पहुंच सकेंगे. वर्तमान में डायल-112 का रिस्पांस टाइम 11 मिनट से कम है, जिसे अगले दो महीनों में और घटाने का लक्ष्य है.
कहां-कहां लगेंगे बटन और क्या होंगी नई सुविधाएं
राज्य सरकार की योजना के मुताबिक, ये बटन प्रमुख बाजारों और पार्कों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे. इसके अलावा कारों में भी पैनिक बटन लगाने की तैयारी है. सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए राजीवनगर में करीब 172 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक कंट्रोल एंड कमांड सेंटर बनाया जाएगा. इस सिस्टम में GIS मैपिंग और पैट्रोलिंग मैनेजमेंट जैसी ग्लोबल तकनीकें जोड़ी जा रही हैं. इसके साथ ही गया में एक मिरर साइट इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर बनाने की भी योजना है.
वाहनों के लिए क्या हैं नियम और समय सीमा
सार्वजनिक परिवहन और स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही नियम तय हैं. अगस्त 2023 में ही इन वाहनों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) और पैनिक बटन लगाना अनिवार्य कर दिया गया था. दिसंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, अभी भी करीब 60 प्रतिशत कमर्शियल और स्कूली वाहनों में ये डिवाइस नहीं लगे हैं. प्रशासन ने साफ किया है कि 31 दिसंबर तक जो वाहन इसे पूरा नहीं करेंगे, उन पर 1 जनवरी 2026 से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
Frequently Asked Questions (FAQs)
पैनिक बटन दबाने पर पुलिस कितनी देर में पहुंचेगी
फिलहाल डायल-112 की औसत प्रतिक्रिया अवधि 11 मिनट से कम है. बिहार पुलिस का लक्ष्य नई तकनीक और ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती के जरिए इस समय को अगले दो महीनों में और कम करना है.
स्कूली और कमर्शियल वाहनों के लिए पैनिक बटन की डेडलाइन क्या है
इन वाहनों में पैनिक बटन और लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाना अनिवार्य है. जो वाहन 31 दिसंबर तक इसे नहीं लगवाएंगे, उन पर 1 जनवरी 2026 से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.