Bihar में IG से SP तक के पुलिस अफसरों को मिले मजिस्ट्रेट के अधिकार, अब सीधे भरवा सकेंगे बॉन्ड
Bihar: राज्य में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब आईजी (IG) से लेकर एसपी (SP) रैंक के पुलिस अधिकारियों को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की शक्तियां दे दी गई हैं। इस कदम का
Bihar: राज्य में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब आईजी (IG) से लेकर एसपी (SP) रैंक के पुलिस अधिकारियों को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की शक्तियां दे दी गई हैं। इस कदम का मकसद त्योहारों और जुलूसों के दौरान शांति बनाए रखना और असामाजिक तत्वों पर लगाम कसना है।
गृह विभाग की आरक्षी शाखा ने इस संबंध में आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। पहले बॉन्ड भरवाने का अधिकार सिर्फ डीएम (DM), एसडीएम (SDM) और मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों के पास होता था। सरकार का मानना था कि पुरानी प्रक्रिया काफी लंबी थी, जिससे बॉन्ड भरवाने के काम में देरी होती थी। अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 125 से 143 के तहत पुलिस अधिकारी सीधे तौर पर कार्रवाई कर सकेंगे।
इन शक्तियों के जरिए पुलिस अब संदिग्ध या असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनसे सीधे बॉन्ड (बंधपत्र) भरवा सकेगी। यह बॉन्ड एक कानूनी समझौता होता है जिसमें व्यक्ति को एक से तीन साल तक अच्छे व्यवहार का वादा करना होता है और तय तारीखों पर थाने में हाजिरी देनी होती है। अगर कोई इस बॉन्ड की शर्त तोड़ता है, तो तय रकम जब्त की जाएगी और उसे जेल भी जाना पड़ सकता है।
यह अधिकार पुलिस जोन और रेंज के IG और DIG, साथ ही जिलों के SSP, SP, सिटी एसपी और रूरल एसपी को दिया गया है। हालांकि, रेलवे पुलिस रेंज के IG-DIG और SP को यह अधिकार नहीं मिले हैं। सरकार ने यह व्यवस्था खासकर सरस्वती पूजा, होली, राम नवमी, दुर्गा पूजा, दिवाली, ईद, बकरिद, मुहर्रम, काली पूजा, छठ पूजा और शब-ए-बारात जैसे बड़े त्योहारों पर भीड़ और तनाव को नियंत्रित करने के लिए की है।