Bihar में साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस ने जारी की चेतावनी, अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें
Bihar/Bhagalpur: बिहार पुलिस और भागलपुर पुलिस सोशल मीडिया के जरिए लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर रही है। पुलिस ने हाल ही में एक अभियान चलाया है जिसमें लोगों को अनजान लिंक (Unknown Link) के जरिए होने वाली धोखाध
Bihar/Bhagalpur: बिहार पुलिस और भागलपुर पुलिस सोशल मीडिया के जरिए लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर रही है। पुलिस ने हाल ही में एक अभियान चलाया है जिसमें लोगों को अनजान लिंक (Unknown Link) के जरिए होने वाली धोखाधड़ी से बचने की सलाह दी गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाएं।
बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी विनय कुमार ने हाल ही में राज्य में साइबर अपराधों की तैयारी की समीक्षा की। इस बैठक में तय किया गया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर ‘1930’ का प्रचार-प्रसार बड़े पैमाने पर किया जाए। अब यह नंबर बिजली बिल, मोबाइल पेमेंट ऐप्स और नगर निगम के डिजिटल होर्डिंग्स जैसी सार्वजनिक जगहों पर प्रमुखता से लगाया जाएगा। प्रशासन ने शिक्षण संस्थानों में ‘साइबर ट्यूसडे’ जैसे कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश भी दिए हैं ताकि छात्रों और आम जनता को ऑनलाइन फ्रॉड के बारे में बताया जा सके।
साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बिहार पुलिस ने कई कदम उठाए हैं। राज्य में ‘Cyber Secure Bihar’ पहल शुरू की गई है, जिसमें एसबीआई और इंटेनक्स्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड की मदद ली जा रही है। इसके अलावा, बिहार ने देश का पहला एआई-आधारित साइबर हेल्पलाइन कॉल सेंटर भी शुरू किया है, जो 1930 नंबर के साथ जुड़ा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, अब तक 4,221 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को साइबर जांच की विशेष ट्रेनिंग दी जा चुकी है और कई संदिग्ध यूआरएल (URL) हटाए गए हैं।
भागलपुर पुलिस ने भी अपने स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया है। पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि वे अपना ओटीपी (OTP) या बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। अगर कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत 1930 पर कॉल करना चाहिए या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करानी चाहिए।