Bihar: बिहार पुलिस और भागलपुर पुलिस ने लोगों को साइबर ठगों से बचने के लिए जरूरी सलाह जारी की है। पुलिस ने कहा है कि अगर आपके पास कोई संदिग्ध या फर्जी कॉल आता है, तो डरने की जरूरत नहीं है। समझदारी दिखाते हुए तुरंत कॉल काट
Bihar: बिहार पुलिस और भागलपुर पुलिस ने लोगों को साइबर ठगों से बचने के लिए जरूरी सलाह जारी की है। पुलिस ने कहा है कि अगर आपके पास कोई संदिग्ध या फर्जी कॉल आता है, तो डरने की जरूरत नहीं है। समझदारी दिखाते हुए तुरंत कॉल काट दें और इसकी जानकारी हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।
फर्जी कॉल आने पर क्या करें
बिहार पुलिस के मुताबिक, ठग अक्सर लोगों को डराकर या लालच देकर उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं। ऐसे में घबराकर कोई कदम न उठाएं। सबसे पहले कॉल को डिस्कनेक्ट करें और बिना देरी किए 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। यह नंबर गृह मंत्रालय द्वारा संचालित नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल का हिस्सा है, जो देशभर में काम करता है।
बिहार में बढ़ते साइबर अपराध और पुलिस की तैयारी
राज्य में साइबर क्राइम के मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है। साल 2024 में 2023 के मुकाबले करीब 43 प्रतिशत ज्यादा मामले सामने आए, जिनकी कुल संख्या 6,380 रही। अब ठग AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और फर्जी वीडियो कॉल का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसे रोकने के लिए बिहार पुलिस की Economic Offences Unit (EOU) एक स्पेशल इंटेलिजेंस यूनिट चला रही है, जो संदिग्ध नंबरों और वेबसाइटों पर नजर रखती है।
साइबर सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम
बिहार सरकार ने साइबर सेल को सोशल मीडिया से भ्रामक पोस्ट और नफरत फैलाने वाले कंटेंट हटाने का अधिकार दिया है। इसके अलावा, राज्य के 38 जिलों में 44 साइबर पुलिस स्टेशन खोले गए हैं जो 24 घंटे काम करते हैं। पटना में एक हाई-टेक बिल्डिंग बनाने की योजना है, जिसमें 1930 कॉल सेंटर, फॉरेंसिक लैब और एक समर्पित साइबर पुलिस स्टेशन होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
साइबर धोखाधड़ी की शिकायत कहाँ करें?
साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत टोल-फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
बिहार में साइबर क्राइम से लड़ने के लिए क्या सुविधाएँ हैं?
बिहार के 38 जिलों में 44 साइबर पुलिस स्टेशन खोले गए हैं जो 24×7 काम करते हैं। साथ ही EOU की स्पेशल यूनिट संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों पर नजर रखती है।