Bihar : राज्य के सुपौल और गोपालगंज जिले से पुलिस हिरासत और जेल में दो संदिग्ध मौतों की खबर आई है। इन घटनाओं के बाद लोगों में काफी गुस्सा है और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का कहना है कि उनके अपनों को प
Bihar : राज्य के सुपौल और गोपालगंज जिले से पुलिस हिरासत और जेल में दो संदिग्ध मौतों की खबर आई है। इन घटनाओं के बाद लोगों में काफी गुस्सा है और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों का कहना है कि उनके अपनों को प्रताड़ित किया गया, जबकि पुलिस इसे आत्महत्या और बीमारी बता रही है। आरजेडी ने इन दोनों मामलों की न्यायिक जांच कराने की मांग की है।
सुपौल के जदिया थाना में क्या हुआ?
सुपौल के जदिया थाना हवालात में बंद 24 वर्षीय बिट्टू कुमार की 10 जून 2026 को मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि बिट्टू ने कंबल की पट्टी से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लेकिन परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उसे पीट-पीटकर मार डाला और शरीर पर चोट के निशान थे। इस घटना के बाद गुस्साए लोगों ने SH-91 हाईवे जाम कर दिया और आगजनी की। कोसी रेंज के DIG कुमार आशीष ने बताया कि मामला जांच के दायरे में है और NHRC भी इसकी जांच कर रहा है।
गोपालगंज जेल में इरशाद आलम की मौत का सच क्या है?
गोपालगंज के चनावे मंडल कारा में बंद इरशाद आलम की इलाज के दौरान मौत हो गई। इरशाद को डबल पासपोर्ट मामले में गिरफ्तार किया गया था। परिजनों का आरोप है कि बरौली थाने में उससे 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी और मना करने पर उसे दो दिनों तक प्रताड़ित किया गया। जेल प्रशासन का कहना है कि उसकी तबीयत अचानक बिगड़ी थी, इसलिए उसे सदर अस्पताल भेजा गया। एक मजिस्ट्रेट ने भी इस मामले में इलाज में लापरवाही की बात कही है।
बिहार में हिरासत में मौत के आंकड़े और अन्य घटनाएं
गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 के शुरुआती 74 दिनों में देश भर में 170 हिरासत में मौतें हुईं, जिनमें बिहार 19 मामलों के साथ सबसे ऊपर रहा। इसी बीच मधेपुरा में भी 27 वर्षीय कैदी दीपक कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई, जहाँ परिवार ने जेल प्रशासन पर मारपीट का आरोप लगाया है। विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सुपौल में बिट्टू कुमार की मौत के बाद क्या कार्रवाई हुई?
घटना के बाद परिजनों ने SH-91 हाईवे जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। वर्तमान में इस मामले की न्यायिक जांच और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) द्वारा जांच की जा रही है।
गोपालगंज जेल मामले में परिजनों ने क्या आरोप लगाए हैं?
परिजनों का आरोप है कि इरशाद आलम से 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी और रिश्वत न देने पर उसे बरौली थाने में प्रताड़ित किया गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ी।