Bihar में प्रदर्शन के बाद पुलिस का बड़ा एक्शन, 350 से ज्यादा गिरफ्तार, 1500 संदिग्ध रडार पर

Bihar: नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद अब बिहार पुलिस एक्शन मोड में है। राज्यभर में चलाए गए एक बड़े अभियान के दौरान पुलिस ने अब तक 350 से अधिक लोगों को गिरफ्त

Bihar: नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद अब बिहार पुलिस एक्शन मोड में है। राज्यभर में चलाए गए एक बड़े अभियान के दौरान पुलिस ने अब तक 350 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया वीडियो के जरिए उन लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने हिंसा और तोड़फोड़ में हिस्सा लिया था।

सबसे ज्यादा कार्रवाई राजधानी पटना में हुई है, जहां 258 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 24 एफआईआर दर्ज की गई हैं। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने साफ किया है कि हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस प्रदर्शन के दौरान 43 पुलिसकर्मी और 300 से ज्यादा छात्र घायल हुए थे। वहीं, पूर्व मंत्री और जेजेडी अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को भीड़ को उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि विधायक गौतम कृष्णा को पुलिस ने हिरासत में लिया था।

सीवान में हालात काफी तनावपूर्ण रहे, जहां 102 गिरफ्तारियां हुई हैं। यहां हवाई फायरिंग के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। मुजफ्फरपुर में पुलिस ने पाया कि डीपफेक ऐप के जरिए भ्रामक वीडियो फैलाए गए, जिसके बाद नौ सोशल मीडिया आईडी की पहचान की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।

जिला कार्रवाई/गिरफ्तारी मुख्य घटना
पटना 258 गिरफ्तार 24 FIR, 6000 अज्ञात पर केस
सीवान 102 गिरफ्तार 3 पुलिसकर्मी निलंबित (AK-47 फायरिंग)
छपरा 30 गिरफ्तार पुलिस वाहन में आगजनी
सीतामढ़ी 15 गिरफ्तार 159 संदिग्धों की तस्वीरें जारी
भागलपुर 41 गिरफ्तार 57 हिरासत में लिए गए
पूर्णिया 27 नामजद 250 अज्ञात पर मामला दर्ज
किशनगंज 22 हिरासत में दो प्राथमिकी दर्ज
जहानाबाद 15 गिरफ्तार हिंसा के मामले में कार्रवाई

पुलिस अब सासाराम, लखीसराय और अन्य जिलों में भी संदिग्धों की तलाश कर रही है। कई जिलों में उपद्रवियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जारी कर दी गई हैं ताकि आम जनता उनकी पहचान करने में मदद कर सके। पुलिस का दावा है कि हिंसा में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।