Bihar पुलिस में शामिल हुए 162 नए जवान, साइबर अपराध और आधुनिक चुनौतियों से निपटेंगे
Bihar: बिहार पुलिस की ताकत बढ़ाने के लिए 162 नए प्रशिक्षु जवानों को सेवा में शामिल किया गया है। इन जवानों को विशेष रूप से साइबर अपराध जैसी आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया गया है। नालंदा पुलिस लाइन में 7 जुला
Bihar: बिहार पुलिस की ताकत बढ़ाने के लिए 162 नए प्रशिक्षु जवानों को सेवा में शामिल किया गया है। इन जवानों को विशेष रूप से साइबर अपराध जैसी आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया गया है। नालंदा पुलिस लाइन में 7 जुलाई 2026 को आयोजित एक दीक्षांत परेड समारोह के दौरान इन जवानों ने अपना प्रशिक्षण पूरा किया।
मगध प्रक्षेत्र के IG जितेंद्र राणा ने जहानाबाद और अरवल जिले के इन 162 जवानों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। प्रशिक्षण के बाद अब इन जवानों की तैनाती जहानाबाद और अरवल जिलों में की जाएगी। आईजी जितेंद्र राणा ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में पुलिस के सामने केवल जमीनी अपराधी ही नहीं, बल्कि वर्चुअल दुनिया और साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को नई तकनीक और अपराध के बदलते तरीकों के हिसाब से खुद को अपडेट रखने की सलाह दी।
राज्य में साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए सरकार कई अन्य कदम भी उठा रही है। 25 मई 2026 को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) से 167 पुलिसकर्मियों को नई साइबर क्राइम एंड सिक्योरिटी यूनिट (CCSU) में भेजा गया। इस यूनिट में इंस्पेक्टर, दारोगा और सिपाही शामिल हैं, जिन्हें आधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। इससे पहले फरवरी 2026 में गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने भी हाईटेक संसाधनों वाली इस विशेष इकाई के गठन की घोषणा की थी, ताकि ऑनलाइन ठगी को रोका जा सके।
पुलिसिंग को और आधुनिक बनाने के लिए बिहार पुलिस अब आईटी डिग्री वाले 176 अधिकारियों का चयन कर एक समर्पित साइबर कमांडो सेल बनाने की योजना पर काम कर रही है। इसके अलावा, अधिकारियों को जयपुर के सेंट्रल डिटेक्टिव ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (CDTI) में विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। राज्य के 44 जिलों में साइबर थाने पहले से ही काम कर रहे हैं। हाल ही में गया साइबर पुलिस ने 2.91 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसमें फर्जी सिम कार्ड के जरिए धोखाधड़ी की जा रही थी।