Bihar: बिहार के अल्पसंख्यक बहुल इलाकों की सूरत अब बदलने वाली है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) का विस्तार अब राज्य के सभी 38 जिलों में कर दिया है। पहले यह योजना केवल 20 जिलों में चल रही थी, लेकि
Bihar: बिहार के अल्पसंख्यक बहुल इलाकों की सूरत अब बदलने वाली है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) का विस्तार अब राज्य के सभी 38 जिलों में कर दिया है। पहले यह योजना केवल 20 जिलों में चल रही थी, लेकिन अब पूरे बिहार के अल्पसंख्यक समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
इस योजना से आम लोगों को क्या फायदा होगा?
इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद उन इलाकों का विकास करना है जहाँ अल्पसंख्यक आबादी ज्यादा है। इसके तहत कई जरूरी काम किए जाएंगे जिससे लोगों का जीवन आसान होगा:
- नए स्कूल भवनों का निर्माण किया जाएगा ताकि बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले।
- स्वास्थ्य उपकेंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण होगा जिससे इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
- कौशल विकास (Skill Development) के प्रोजेक्ट्स चलाए जाएंगे ताकि युवाओं को रोजगार मिले।
- सद्भाव मंडप और अन्य सामुदायिक सुविधाओं का निर्माण होगा।
योजना के नियम और बजट का बंटवारा कैसे होगा?
यह एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है जिसे अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय लागू करता है। इसमें बजट और संसाधनों का बंटवारा तय नियमों के हिसाब से किया गया है:
| विवरण |
नियम/जानकारी |
| फंडिंग अनुपात |
केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 का अनुपात |
| संसाधन उपयोग |
80% पैसा शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास पर खर्च होगा |
| महिलाओं के लिए आरक्षण |
33-40% सुविधाएं महिलाओं और लड़कियों के लिए आरक्षित होंगी |
| क्षेत्र का चयन |
जहाँ अल्पसंख्यक आबादी 25% से अधिक है (15 किमी दायरे में) |
| जमीन की व्यवस्था |
राज्य सरकार द्वारा मुफ्त जमीन दी जाएगी |
निगरानी और लागू करने वाली संस्थाएं कौन हैं?
योजना को सही तरीके से चलाने के लिए बिहार अल्पसंख्यक कल्याण विभाग जिम्मेदार है, जिसके वर्तमान सचिव मो. सोहैल (IAS) हैं। पूरे राज्य में इसके लागू होने की देखरेख मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। काम में पारदर्शिता रखने के लिए ‘NIGRANI App’ का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे यह पता चलेगा कि जमीनी स्तर पर काम कितनी तेजी से हो रहा है और पैसा सही जगह खर्च हो रहा है या नहीं।