Bihar: बिहार सरकार ने किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए ‘फूल (गेंदा) विकास योजना’ शुरू की है। इस योजना के जरिए किसानों को गेंदा, गुलाब, रजनीगंधा और चमेली जैसे फूलों की खेती के लिए 70% तक की सब्सिडी और तकनीकी मदद
Bihar: बिहार सरकार ने किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए ‘फूल (गेंदा) विकास योजना’ शुरू की है। इस योजना के जरिए किसानों को गेंदा, गुलाब, रजनीगंधा और चमेली जैसे फूलों की खेती के लिए 70% तक की सब्सिडी और तकनीकी मदद दी जाएगी। उपमुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना की घोषणा की है, जिसके लिए 6.325 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।
सब्सिडी और अनुदान का गणित क्या है?
इस योजना में मुख्य फोकस गेंदे की खेती पर है। गेंदे की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 80,000 रुपये की लागत पर 50% सब्सिडी यानी 40,000 रुपये दिए जाएंगे। वहीं, एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत 40,000 रुपये की लागत पर 70% सब्सिडी यानी 28,000 रुपये प्रति हेक्टेयर का अनुदान मिलेगा। एक किसान 0.1 हेक्टेयर से लेकर अधिकतम 4 हेक्टेयर तक की जमीन पर इसका लाभ ले सकता है।
किसे मिलेगा लाभ और क्या हैं जरूरी शर्तें?
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का बिहार का निवासी होना और किसान होना जरूरी है। आवेदक को कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। जमीन के मालिक (रैयत) और किराए पर जमीन लेकर खेती करने वाले (गैर-रैयत) दोनों ही इसके पात्र हैं। सरकार ने इसमें कम से कम 30% महिला किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है। लाभार्थियों का चयन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर किया जाएगा।
आवेदन कैसे करें और कौन से दस्तावेज चाहिए?
इच्छुक किसान horticulture.bihar.gov.in या dbtagriculture.bihar.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आधार कार्ड, जमीन का LPC, ताजा राजस्व रसीद, बैंक पासबुक और गैर-रैयत किसानों के लिए करारनामा जरूरी है। इसके अलावा, फूलों को बाजार तक ले जाने के लिए मालवाहक वाहन खरीदने पर भी 50% सब्सिडी (अधिकतम 3,25,000 रुपये) का प्रावधान है, जिसके लिए वाहन का कोटेशन देना होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार फूल विकास योजना में गेंदे की खेती पर कितनी सब्सिडी मिलेगी?
गेंदे की खेती के लिए दो तरह के प्रावधान हैं। एक में 80,000 रुपये की लागत पर 50% (40,000 रुपये) और दूसरे में 40,000 रुपये की लागत पर 70% (28,000 रुपये) प्रति हेक्टेयर अनुदान मिलता है।
क्या बिना अपनी जमीन के भी इस योजना का लाभ लिया जा सकता है?
हाँ, रैयत किसानों के साथ-साथ गैर-रैयत किसान भी करारनामे (Agreement) के आधार पर इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
मालवाहक वाहन खरीदने पर कितनी मदद मिलेगी?
फूलों के परिवहन के लिए वाहन खरीदने पर 6,50,000 रुपये की अनुमानित लागत पर 50% सब्सिडी दी जाएगी, जो अधिकतम 3,25,000 रुपये तक हो सकती है।