Bihar में पेंशन उत्सव: मुजफ्फरपुर के 4.17 लाख लाभार्थियों के खातों में पहुंचे 64.58 करोड़ रुपये
Muzaffarpur: बिहार सरकार ने राज्य के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को बड़ी राहत दी है। ‘पेंशन उत्सव’ के तहत मुजफ्फरपुर जिले के 4.17 लाख से ज्यादा लाभार्थियों के बैंक खातों में 64.58 करोड़ रुपये की राशि स
Muzaffarpur: बिहार सरकार ने राज्य के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को बड़ी राहत दी है। ‘पेंशन उत्सव’ के तहत मुजफ्फरपुर जिले के 4.17 लाख से ज्यादा लाभार्थियों के बैंक खातों में 64.58 करोड़ रुपये की राशि सीधे भेजी गई है। यह पैसा डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए जून महीने की बढ़ी हुई पेंशन के रूप में मिला है।
शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की। इस मौके पर उन्होंने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब हर महीने की 10 तारीख को ‘बिहार पेंशन दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। सरकार का मकसद है कि राज्य के सभी पात्र पेंशनभोगियों को हर महीने की 10 तारीख तक उनके खाते में पैसा मिल जाए।
पेंशन की राशि में भी बढ़ोतरी की गई है। अब सामाजिक सुरक्षा पेंशन 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये प्रति माह कर दी गई है, जो जून 2025 से लागू हो चुकी है। पूरे बिहार की बात करें तो 97.84 लाख पेंशनभोगियों के खातों में कुल 1,423.94 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं।
मुजफ्फरपुर जिले में जिलाधिकारी कुमार गौरव और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में यह प्रक्रिया पूरी हुई। जिले के लाभार्थियों को निम्नलिखित योजनाओं के तहत पैसा मिला है:
| योजना का नाम | लाभार्थी वर्ग |
|---|---|
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना | बुजुर्गजन |
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना | विधवा महिलाएं |
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तता पेंशन योजना | दिव्यांगजन |
| लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना | पात्र महिलाएं |
| बिहार निःशक्तता पेंशन योजना | दिव्यांगजन |
| मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना | बुजुर्गजन |
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि कोई भी पात्र व्यक्ति पेंशन से वंचित नहीं रहना चाहिए। साथ ही, पेंशनभोगियों को सलाह दी गई है कि वे अपना जीवन प्रमाणीकरण (Life Certification) जल्द से जल्द पूरा कर लें, ताकि भुगतान में कोई रुकावट न आए। यह काम कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से आसानी से किया जा सकता है। आंकड़ों के मुताबिक, 14 जून 2026 तक करीब 80 प्रतिशत लाभार्थियों ने अपना प्रमाणीकरण पूरा कर लिया है।