Bihar: पटना में बिहार एसटीएफ और पुलिस की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। राजधानी के टॉप-10 वांछित अपराधियों की सूची में शामिल शिव गोप को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी 8 अप्रैल 2026 को पटना के जक्कन
Bihar: पटना में बिहार एसटीएफ और पुलिस की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। राजधानी के टॉप-10 वांछित अपराधियों की सूची में शामिल शिव गोप को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी 8 अप्रैल 2026 को पटना के जक्कनपुर इलाके से की गई है। शिव गोप पर जमीन कब्जा, रंगदारी, हत्या और अपहरण जैसे दर्जनों संगीन मामले दर्ज हैं और पुलिस काफी समय से उसकी तलाश कर रही थी।
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शिव गोप की गिरफ्तारी कैसे हुई और पुलिस ने क्या बताया?
बिहार एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि शिव गोप पटना के आसपास के इलाके में छिपा हुआ है। इस जानकारी के आधार पर एसटीएफ और पटना पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया जिसे काफी जांबाज अभियान माना जा रहा है। जक्कनपुर का रहने वाला शिव गोप दीघा घाट के पास से पकड़ा गया है। गिरफ्तारी के बाद उसे जक्कनपुर थाने लाया गया जहां पुलिस की टीम उससे पूछताछ कर रही है। एसटीएफ की इस कार्रवाई को पटना में अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
किन प्रमुख मामलों में शामिल रहा है शिव गोप का नाम?
शिव गोप का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है और वह 21 साल की जेल की सजा काटने के बाद भी अपराध की दुनिया में सक्रिय बना हुआ था। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ दर्ज मुख्य मामले नीचे दिए गए हैं:
- दानापुर नगर परिषद अध्यक्ष के पति दीपक मेहता हत्याकांड में वह मुख्य सूत्रधार बताया जाता है।
- पटना के विभिन्न इलाकों में अवैध जमीन कब्जा और रंगदारी वसूलने के कई मामले उस पर दर्ज हैं।
- हत्या और अपहरण जैसे संगीन जुर्म में पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी।
- जक्कनपुर थाने में भी उसके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।
शिव गोप को शिव यादव के नाम से भी जाना जाता है। उसकी गिरफ्तारी के बाद पटना पुलिस को उम्मीद है कि इलाके में होने वाली रंगदारी और जमीन से जुड़े विवादों में कमी आएगी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फरारी के दौरान उसे किन लोगों ने पनाह दी थी।