Bihar : पटना हाईकोर्ट ने पंचायत और प्रखंड शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पुरानी मेरिट लिस्ट के आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने की बात कही है। इस फैसले से उन शिक्षकों को बड़ा झटका लगा
Bihar : पटना हाईकोर्ट ने पंचायत और प्रखंड शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर एक बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पुरानी मेरिट लिस्ट के आधार पर हुई नियुक्तियों को रद्द करने की बात कही है। इस फैसले से उन शिक्षकों को बड़ा झटका लगा है जिन्होंने सालों पुरानी लिस्ट के जरिए नौकरी पाई थी।
क्या है पूरा मामला और क्यों रद्द हुई नियुक्तियां?
यह पूरा विवाद 2006 और 2008 की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है। इस भर्ती की चयन प्रक्रिया साल 2010 में ही खत्म हो गई थी। लेकिन 2012 में जब कुछ पद खाली हुए, तो कुछ अभ्यर्थियों ने पुरानी मेरिट लिस्ट का हवाला देकर जिला अपीलीय प्राधिकरण से नियुक्ति ले ली। बिहार सरकार ने इन नियुक्तियों को गलत बताते हुए चुनौती दी थी, जिसके बाद राज्य अपीलीय प्राधिकरण ने इन नियुक्तियों को रद्द कर वेतन वसूली का आदेश दिया था।
पटना हाईकोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा?
मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू और न्यायमूर्ति हरीश कुमार की खंडपीठ ने 103 पन्नों के फैसले में साफ किया कि किसी भी मेरिट लिस्ट को अनिश्चितकाल तक जीवित नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने कहा कि पुरानी लिस्ट को ‘रिजर्व पैनल’ की तरह इस्तेमाल कर बाद में खाली हुए पदों को भरना नियमों के खिलाफ है। कोर्ट ने यह भी माना कि कई याचिकाकर्ताओं ने अपील करने में 6 से 8 साल की देरी की, जो सही नहीं था।
इस फैसले का मुख्य विवरण
| विवरण |
जानकारी |
| निर्णय की तिथि |
24 अप्रैल, 2026 |
| संबंधित भर्ती वर्ष |
2006 और 2008 |
| कोर्ट का रुख |
पुरानी मेरिट लिस्ट से नियुक्ति गलत |
| प्रभावित लोग |
पंचायत एवं प्रखंड शिक्षक |
| कोर्ट की बेंच |
मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू और न्यायमूर्ति हरीश कुमार |