Bihar: बिहार सरकार जमीन और मकान की रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने जा रही है। अब निबंधन कार्यालयों में कागजों का ढेर नहीं लगेगा और ई-फाइलिंग के जरिए सारा काम होगा। इस नई व्यवस्था से आम लोगों को दफ्तरों के चक
Bihar: बिहार सरकार जमीन और मकान की रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने जा रही है। अब निबंधन कार्यालयों में कागजों का ढेर नहीं लगेगा और ई-फाइलिंग के जरिए सारा काम होगा। इस नई व्यवस्था से आम लोगों को दफ्तरों के चक्कर कम काटने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तेज हो जाएगी।
पेपरलेस रजिस्ट्री में क्या बदल जाएगा और कैसे होगा काम?
नई व्यवस्था के तहत अब दस्तावेजों की हार्ड कॉपी जमा करने की जरूरत नहीं होगी। सभी कागजात ई-फाइलिंग के जरिए अपलोड किए जाएंगे। इसमें पेन से किए गए हस्ताक्षर की जगह बायोमेट्रिक निशान को ही डिजिटल सिग्नेचर माना जाएगा। स्टाम्प ड्यूटी और निबंधन शुल्क का भुगतान भी केवल ऑनलाइन होगा, नकद लेनदेन पर पूरी तरह रोक रहेगी। रजिस्ट्री पूरी होते ही दस्तावेज की PDF कॉपी रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और ईमेल पर भेज दी जाएगी।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए क्या खास सुविधा है?
80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए सरकार ने खास इंतजाम किए हैं। ‘सात निश्चय-3’ योजना के तहत अब उन्हें रजिस्ट्री के लिए दफ्तर नहीं जाना होगा। मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट उनके घर पहुंचकर सारी प्रक्रिया पूरी करेगी। इसके लिए पात्र नागरिकों को ई-निबंधन पोर्टल पर 40 रुपये शुल्क देकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
नई नियमावली की मुख्य बातें और फायदे
| सुविधा/नियम |
विवरण |
| नियम का नाम |
बिहार निबंधन नियमावली 2026 |
| स्टाम्प ड्यूटी छूट |
ऑनलाइन निबंधन पर 1% छूट (अधिकतम 2,000 रुपये) |
| दस्तावेज प्राप्ति |
PDF लिंक के माध्यम से मोबाइल/ईमेल पर |
| प्रमुख अधिकारी |
अजय यादव (सचिव) और अंशुल अग्रवाल (निबंधन महानिरीक्षक) |
| लागू क्षेत्र |
बिहार के सभी 141 निबंधन कार्यालय |