Bihar: बिहार में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि समय पर वोटर लिस्ट और अन्य चुनावी प्रक्रिया पूरी हो सक
Bihar: बिहार में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि समय पर वोटर लिस्ट और अन्य चुनावी प्रक्रिया पूरी हो सके। इस बार चुनाव में कई नए बदलाव देखने को मिलेंगे जिससे आम जनता और उम्मीदवारों दोनों को असर पड़ेगा।
वोटर लिस्ट और जरूरी तारीखें क्या हैं
चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट तैयार करने के लिए एक समय सीमा तय की है। सभी जिलों के DM को 27 अप्रैल को प्रपत्र-1 (Form-1) प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद मतदाता सूची का काम आगे बढ़ेगा।
- 24 अप्रैल: सभी निर्वाचन क्षेत्रों में प्रारूप का प्रकाशन होगा।
- 27 अप्रैल से 11 मई: प्रपत्र-1 के प्रारूप पर जनसंख्या से जुड़ी आपत्तियां ली जाएंगी।
- 25 मई: मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
- नवंबर-दिसंबर 2026: इस दौरान पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव होने की संभावना है।
ईवीएम और आरक्षण के नियमों में क्या बदलाव हुए हैं
इस बार के चुनाव में सबसे बड़ा बदलाव Multi-post EVM का इस्तेमाल है। अब मतदाता एक ही मशीन से वार्ड सदस्य, पंच, सरपंच, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य यानी कुल 6 पदों के लिए वोट डाल सकेंगे। इन मशीनों में सुरक्षा के लिए एक विशेष चिप लगाई जाएगी।
आरक्षण के नियमों की बात करें तो हर 10 साल में होने वाले बदलाव के अनुसार इस बार आरक्षण रोस्टर बदला जाएगा। वहीं, वोटर लिस्ट 2011 की जनगणना के आधार पर ही बनेगी और वार्डों की सीमा में कोई बदलाव नहीं होगा।
प्रशासन ने चुनाव के लिए क्या खास इंतजाम किए हैं
पंचायती राज विभाग ने साफ किया है कि ईवीएम को सरकारी स्कूलों में नहीं रखा जाएगा ताकि बच्चों की पढ़ाई में कोई दिक्कत न आए। इसके लिए अलग से वेयरहाउस बनाए जाएंगे या निजी भवन लीज पर लिए जाएंगे।
गांवों और हाट-बाजारों में डुगडुगी बजवाकर लोगों को प्रपत्र-1 के प्रकाशन की जानकारी दी जाएगी ताकि कोई भी व्यक्ति अपनी आपत्ति दर्ज करा सके। प्रपत्र-1 की तैयारी समेत चुनाव के ज्यादातर काम डिजिटल तरीके से पूरे किए जाएंगे।