Bihar में बाल श्रम के खिलाफ ‘ऑपरेशन नया सवेरा 3.0’ शुरू, शिवहर, अरवल और सीवान में बड़ी कार्रवाई

Bihar: बिहार पुलिस मुख्यालय ने बाल श्रम और मानव तस्करी को रोकने के लिए ‘ऑपरेशन नया सवेरा 3.0’ शुरू किया है। इस अभियान के तहत राज्य के अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर बच्चों और लड़कियों को मुक्त कराया गया है। यह

Bihar: बिहार पुलिस मुख्यालय ने बाल श्रम और मानव तस्करी को रोकने के लिए ‘ऑपरेशन नया सवेरा 3.0’ शुरू किया है। इस अभियान के तहत राज्य के अलग-अलग जिलों में छापेमारी कर बच्चों और लड़कियों को मुक्त कराया गया है। यह विशेष अभियान 1 जुलाई से 14 जुलाई 2026 तक चलेगा, जिसका मुख्य मकसद बाल श्रम को खत्म करना और शोषण का शिकार हुए लोगों का पुनर्वास करना है।

शिवहर जिले के पिपराही में 8 और 9 जुलाई को बड़ी कार्रवाई हुई। पुलिस और श्रम विभाग की टीम ने छापेमारी कर कुल चार बाल श्रमिकों को मुक्त कराया। पिपराही में माँ अन्नपूर्णा स्वीट्स एंड चाट कॉर्नर, माखन भोग स्वीट्स एंड चाट कॉर्नर और कालिका मोटरसाइकिल रिपेयरिंग सेंटर जैसी दुकानों पर FIR दर्ज की गई। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार, हर एक बच्चे के लिए मालिक से 20,000 रुपये का जुर्माना वसूला जा रहा है, जिसे बाल श्रम पुनर्वास और कल्याण कोष में जमा किया जाएगा। मुक्त कराए गए बच्चों को पुनर्वास के लिए बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया गया है।

इसी अभियान के तहत अरवल और सीवान जिलों में भी सख्त एक्शन लिया गया। अरवल के जनकपुर धाम में एक ऑर्केस्ट्रा ग्रुप से 14 लड़कियों को बचाया गया और ओडिशा के रहने वाले ऑपरेटर प्रफुल्ल प्रधान को गिरफ्तार किया गया। वहीं, सीवान के दरौली ब्लॉक में छापेमारी कर 11 लड़कियों को मुक्त कराया गया, जिनमें तीन नाबालिग थीं। इस मामले में रंजित सिंह और गणेश कुमार नाम के दो ऑपरेटरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

बिहार सरकार ने बाल श्रमिकों के पुनर्वास के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 25,000 रुपये की सहायता राशि देने का प्रावधान किया है। यह राशि 14 से 18 साल के किशोरों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में रखी जाती है, जिसका ब्याज उन्हें मासिक आधार पर मिलता है। पुलिस ने साफ किया है कि बाल श्रम और मानव तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और दोषी मालिकों को बख्शा नहीं जाएगा।

प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि अगर कहीं भी बाल श्रम या मानव तस्करी की जानकारी मिले, तो तुरंत डायल 112 या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।