Bihar में नई टोल नीति लागू, बाइक, ट्रैक्टर और कंबाइन हार्वेस्टर को टोल से मिली राहत, अधिसूचना जारी

Bihar: बिहार सरकार ने राज्य की सड़कों और पुलों के लिए नई टोल नीति की अधिसूचना सोमवार को जारी कर दी है। इस फैसले से आम जनता और किसानों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि अब दोपहिया और कृषि कार्यों में लगे ट्रैक्टरों को टोल टैक

Bihar: बिहार सरकार ने राज्य की सड़कों और पुलों के लिए नई टोल नीति की अधिसूचना सोमवार को जारी कर दी है। इस फैसले से आम जनता और किसानों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि अब दोपहिया और कृषि कार्यों में लगे ट्रैक्टरों को टोल टैक्स नहीं देना होगा। बिहार कैबिनेट ने 1 जुलाई 2026 को ही इस नीति पर मुहर लगा दी थी, जिसे अब पथ निर्माण विभाग ने आधिकारिक तौर पर प्रदेश में लागू कर दिया है।

नई नीति के तहत टोल की दरें सड़क की चौड़ाई के हिसाब से तय की गई हैं। अगर सड़क चार लेन या उससे अधिक चौड़ी है, तो वहां 100 प्रतिशत टोल लगेगा। वहीं, दो लेन से अधिक लेकिन चार लेन से कम वाली सड़कों पर 60 प्रतिशत और मध्यवर्ती लेन वाली सड़कों पर केवल 50 प्रतिशत टैक्स देना होगा। पुलों के मामले में टोल की गणना उनकी लंबाई और एप्रोच रोड को जोड़कर की जाएगी। टोल संग्रह के लिए निजी एजेंसियों का चयन निविदा के जरिए किया जाएगा और भुगतान के लिए FASTag को प्राथमिकता दी जाएगी।

इन वाहनों को टोल में मिलेगी पूरी छूट:

वाहन का प्रकार छूट का नियम
दोपहिया और तिपहिया वाहन पूरी तरह मुफ्त (वैकल्पिक मार्ग न होने पर)
कृषि उपयोग वाले ट्रैक्टर पंजीकरण होने पर पूर्ण छूट
कंबाइन हार्वेस्टर पूरी तरह टोल फ्री
पशु-चालित वाहन कोई टोल नहीं लगेगा
स्थानीय निवासी (20 किमी दायरा) 250 रुपये का मासिक पास
MLA, MLC और VIP वाहन राज्य राजमार्गों पर पूर्ण छूट

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि टोल वाली सड़क के पास सर्विस रोड मौजूद है और फिर भी कोई दोपहिया वाहन मुख्य मार्ग का इस्तेमाल करता है, तो उसे कार के लिए तय शुल्क का 50 प्रतिशत भुगतान करना होगा। नियमों का उल्लंघन करने या टोल न देने पर बकाया राशि का तीन गुना जुर्माना वसूला जाएगा। पूरे बिहार के सभी टोल प्लाजा पर असीमित यात्रा के लिए लोग 2500 रुपये का मासिक पास भी बनवा सकते हैं।