Bihar में बंद चीनी मिलें फिर होंगी शुरू, सुधा की तर्ज पर खुलेंगे तरकारी बूथ; मंत्री रामकृपाल यादव ने किया नई सहकारिता नीति 2026 का ऐलान
Bihar: राज्य सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुधारने और युवाओं को रोजगार देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने ‘नई सहकारिता नीति 2026’ की घोषणा की है। इस नीति का मुख्य मकसद किसान
Bihar: राज्य सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुधारने और युवाओं को रोजगार देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने ‘नई सहकारिता नीति 2026’ की घोषणा की है। इस नीति का मुख्य मकसद किसानों की कमाई बढ़ाना और सहकारी संस्थाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।
सरकार अब राज्य की बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने की तैयारी में है। इसके लिए ‘चीनी उपक्रम (अधिग्रहण) अधिनियम’ में बदलाव किया गया है, ताकि जमीन निजी निवेशकों या सहकारी समितियों को दी जा सके। मधुबनी के सकरी और दरभंगा के रैयाम में दो नई सहकारी चीनी मिलें लगाई जाएंगी, जिनका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 नवंबर 2026 को करेंगे। इन मिलों को चलाने की जिम्मेदारी इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) को सौंपी गई है। रैयाम में एक ‘आदर्श शुगर कॉम्प्लेक्स’ बनेगा, जहाँ चीनी मिल के साथ पावर प्लांट, डिस्टलरी और बायोगैस प्लांट भी होंगे। सरकार का लक्ष्य नवंबर 2026 तक सकरी, रैयाम और गोपालगंज के सासामूसा की मिलों को फिर से शुरू करना है।
सब्जी किसानों के लिए सरकार ‘सुधा डेयरी’ जैसा मॉडल ला रही है। अब ‘तरकारी सुधा’ आउटलेट खोले जाएंगे ताकि किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिले और ग्राहकों को ताजी सब्जियां मिलें। इसके तहत 350 पंचायतों में सब्जी संग्रहण केंद्र बनाए जाएंगे।
नई सहकारिता नीति 2026 के तहत पैक्स (PACS) को बहुउद्देशीय सेवा केंद्रों में बदला जाएगा, जहाँ ग्रामीण इलाकों में करीब 300 तरह की सेवाएं मिलेंगी। साथ ही, 21 जिलों की 100 पंचायतों में किसान उत्पादक संगठन (FPO) बनाए गए हैं। भंडारण के लिए 7,452 गोदाम तैयार किए जा चुके हैं।
| योजना/घोषणा | मुख्य विवरण |
|---|---|
| चीनी मिल पुनरुद्धार | नवंबर 2026 तक सकरी, रैयाम और सासामूसा मिलें चालू होंगी |
| तरकारी सुधा | 350 पंचायतों में सब्जी संग्रहण केंद्र और आउटलेट खुलेंगे |
| प्रधानमंत्री फसल बीमा | रबी मौसम 2026-27 से बिहार में लागू होगी |
| विशेष सहकारी अभियान | 16 अगस्त 2026 से सदस्यों के खाते खोलने का अभियान चलेगा |
| धान खरीद | खरीफ 2025-26 में 5.40 लाख किसानों से 36.79 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया |